भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने विपक्ष को आड़े हाथ लिया। विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा, वास्तविकता तो यह है कि ज्यादातर वैज्ञानिक संस्थान आजादी से पहले के लोगों द्वारा शुरु किए गए थे। इसमें पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की कोई भूमिका नहीं थी।
भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला है। इसरो की उपलब्धि पर बोलते हुए भाजपा सांसद तेजस्वी ने विपक्ष पर तीखा तंज कसा है। उन्होंने कहा, विपक्ष इसरो भजन के बजाय नेहरू भजन में लगा हुआ है। वास्तविकता तो यह है कि ज्यादातर वैज्ञानिक संस्थान आजादी से पहले के लोगों द्वारा शुरु किए गए थे। इसमें पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की कोई भूमिका नहीं थी।
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चंद्रयान-3 मिशन की सफलता पर चर्चा करते हुए तेजस्वी ने कहा, अर्कोट रामास्वामी मुदलियार और शांति स्वरूप भटनागर ने 1942 में वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद की स्थापना की थी। उन्होंने कहा, जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी ही थे, जिनके नेतृत्व में देश के शुरुआती वैज्ञानिक प्रतिष्ठानों को मजबूती मिली थी। विपक्ष सुबह से ही इसरो भजन के बजाय नेहरु भजन में व्यस्त था।
पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी का विशेष योगदान
विपक्ष पर हमला करते हुए सांसद तेजस्वी ने कहा, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 2003 में चंद्रयान -1 को मंजूरी दी थी, लेकिन कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने चंद्रयान-1 के चंद्रमा प्रभाव जांच को जवाहर बिंदु नाम दिया था। जबकि चंद्रयान मिशन में नेहरू की कोई भूमिका नहीं थी।