भाजपा सांसद ने शुक्रवार को एक बैठक में भारतीय संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने और विदेशों में राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कानूनी प्रावधानों का आह्वान किया। उन्होंने आईपीसी, सीआरपीसी और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह लेने वाले तीन प्रस्तावित कानूनों पर बहस के लिए आयोजित संसदीय पैनल की बैठक में यह बात कही।
सूत्रों ने कहा कि सांसद ने हाल ही में खालिस्तानी अलगाववादियों द्वारा भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास को निशाना बनाए जाने का हवाला दिया और कहा कि भाजपा सदस्य दिलीप घोष ने सुझाव दिया कि ऐसी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कानूनी उपाय किए जाने चाहिए।
अपमान करने वालों में भारतीय पासपोर्ट धारक भी
दिलीप घोष ने कहा कि अपमान करने वालों में कुछ भारतीय पासपोर्ट धारक भी हैं। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा राष्ट्रीय ध्वज का भी अपमान किया जाता है। उन्होंने कहा कि ये घटनाएं देश का अपमान करती हैं और भारतीयों को पीड़ा पहुंचाती हैं।
संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में गृहमंत्री अमित शाह द्वारा पेश किए गए तीन विधेयकों - भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य विधेयक पर चर्चा पर चल रही थी इस दौरान उन्होंने यह महत्वपूर्ण बात सांसदों के सामने रखी। अमित शाह ने मौजूदा 19वीं सदी के कानूनों को औपनिवेशिक विरासत बताते हुए कहा था कि ये बिल लोगों की समकालीन जरूरतों और आकांक्षाओं को पूरा करेंगे।
संसद के मानसून सत्र के दौरान अमित शाह पेश किए थे बिल
गृह मंत्री अमित शाह ने हाल में संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में ब्रिटिशकालीन भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) 1860, दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) 1898 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 की जगह लेने के लिए तीन नये विधेयक- क्रमश: भारतीय न्याय संहिता, 2023 विधेयक; भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 विधेयक और भारतीय साक्ष्य विधेयक, 2023 पेश किए थे।