नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) की दो सदस्यीय निरीक्षण टीम ने एयर इंडिया के आंतरिक सुरक्षा ऑडिट में खामियां पाई हैं और नियामक मामले की जांच कर रहा है। इसकी जानकारी अधिकारियों ने दी। एयर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि सभी एयरलाइंस नियामकों और अन्य निकायों द्वारा नियमित सुरक्षा ऑडिट के अधीन हैं। डीजीसीए की टीम ने 25 और 26 जुलाई को हरियाणा के गुरुग्राम में एअर इंडिया के कार्यालय का दौरा किया था।
एयरलाइन ने सभी 13 मामलों में फर्जी रिपोर्ट तैयार की
डीजीसीए को सौंपी गई निरीक्षण रिपोर्ट के अनुसार, एयरलाइन को संचालन के विभिन्न क्षेत्रों जैसे केबिन निगरानी, कार्गो, रैंप और लोड में नियमित सुरक्षा मामलों की जांच करनी थी, लेकिन औचक निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि एयरलाइन ने सभी 13 मामलों में फर्जी रिपोर्ट तैयार की।
सीसीटीवी, रिकॉर्डिंग, ऑडिटी स्टेटमेंट की सही रिपोर्ट नहीं दी
टीम ने जब सीसीटीवी, रिकॉर्डिंग, ऑडिटी स्टेटमेंट, शिफ्ट रजिस्टर दस्तावेज, जीडी (सामान्य घोषणा) सूची, यात्री घोषणापत्र के माध्यम से पुन: सत्यापन किया तो रिपोर्ट के जाली होने का पता चला।
इसके अलावा निरीक्षण रिपोर्ट में कहा गया कि इन जाली जांच रिपोर्टों पर उड़ान सुरक्षा प्रमुख (सीएफएस) के हस्ताक्षर नहीं थे। चेकलिस्ट पर गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली (क्यूएमएस) विभाग के एक लेखा परीक्षक के हस्ताक्षर थे, जो डीजीसीए के अनुमोदन और निरीक्षण दायरे में नहीं आता है।
एयरलाइन ने अन्य सूची नहीं कराई उपलब्ध
इसके अलावा, निरीक्षण दल ने कहा कि एयरलाइन समय पर उड़ान सुरक्षा लेखा परीक्षकों की सूची उपलब्ध कराने में असमर्थ थी। एयर इंडिया सहित सभी विमानन कंपनियां भारत और विदेशों दोनों में नियामकों और अन्य निकायों द्वारा नियमित सुरक्षा ऑडिट के अधीन हैं।
एयर इंडिया के प्रवक्ता ने बयान में कहा कि एयर इंडिया हमारी प्रक्रियाओं का लगातार आकलन करने और उन्हें मजबूत करने के लिए सक्रिय रूप से ऐसे ऑडिट में संलग्न है। हम संबंधित प्राधिकारी के साथ उठाए गए किसी भी मामले को सीधे संबोधित करते हैं।