भाजपा सांसद और पूर्व गृह सचिव आरके सिंह ने शुक्रवार को लोकसभा में अपनी ही सरकार की कश्मीर नीति पर सवाल उठा दिया।
शून्यकाल में उन्होंने सरकार की कश्मीर नीति और आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद भड़की हिंसा से निपटने के लिए अपनाई जा रही रणनीति को ढुलमुल और गलत करार दिया।
उन्होंने कहा कि सरकार को यह समझना होगा कि राज्य में अलगाववादी और आतंकवादी अल्पमत में हैं, जबकि राज्य में बहुमत शांति, रोजगार और विकास चाहता है।
सिंह ने अलगाववादियों के खिलाफ सख्ती बरतने और इनके खिलाफ अभियोग चलाने की मांग की। खास बात यह रही कि सिंह को इस मामले में आधा दर्जन भाजपा सांसदों का भी समर्थन मिला।
इससे ठीक पहले गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सार्क देशों के गृह मंत्रियों के सम्मेलन की जानकारी देते हुए पाकिस्तान को खरी खरी सुनाई थी।
सिंह ने कश्मीर में जारी हिंसा के संदर्भ में कहा कि वहां मंत्री पर बम से हमला हुआ है।
कई पुलिसकर्मियों पर भी हमले हुए। हिंसा से निपटने के लिए मजबूत रणनीति के बदले कई जगहों पर पुलिस आउट पोस्ट तक को खाली करा लिया गया है।
सिंह ने कहा कि अलगाववादियों को हवाला के जरिये मिल रहे धन पर रोक लगाने और बाड़ लगा कर घुसपैठ रोकने की जरूरत है।