जरा इस तस्वीर को गौर से देखिए। दूर खड़े नरेश अग्रवाल ने लाल टोपी क्या छोड़ी, टोपी और चमक उठी। ये तो नहीं कहा जा सकता की नरेश अग्रवाल की भूमिका इसमें कहीं आड़े आई लेकिन ये जरूर सोचा जा सकता है कि बहुमत हासिल कर सरकार बनाने वाली बीजेपी को आखिर समाजवादी पार्टी के विवादित बयान देने वाले इस नेता की क्या जरूरत पड़ी।
ऐसा नहीं है कि नरेश किसी एक परंपरा के नेता हों, इससे पहले भी वो कांग्रेस, बसपा के दम पर राज्यसभा पहुंचे हैं। लेकिन बिना भटके अगर बात सिर्फ इस तस्वीर की करें तो अपनी जीत से जोश में दिखाई दे रही समाजवादी पार्टी अपने नए सांसदों के साथ फोटो खिंचाने उतरी और नरेश को इस फोटो फ्रेम से दूर रहना पड़ा। राज्यसभा के ये सदस्य भी एक साथ फोटो खिचा रहे थे उस वक्त नरेश अग्रवाल मन कचोटते हुए दूर से ही ये सब देख रहे थे।