पश्चिम बंगाल से भाजपा की सांसद लॉकेट चटर्जी ने राज्य में तृणमूल कांग्रेस पार्टी की शह पर भाजपा कार्यकर्ताओं की कथित तौर पर हत्या किये जाने, खास वर्ग का तुष्टीकरण करने, 30 प्रतिशत वोटों की राजनीति करने और भगवान राम-सीता का अपमान करने का सोमवार को आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 2021 के विधानसभा चुनाव में राज्य की जनता इसका जवाब देगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के नेता राम-सीता का अपमान करते हैं, ये लोग जयश्रीराम को लेकर राजनीति करते हैं और यह नारा लगाने वाले को गिरफ्तार किया जा रहा है।’’ उन्होंने कहा कि राम-सीता सभी के हैं और जयश्रीराम पूरे देश का नारा है। चटर्जी ने कहा 2021 में जनता इसका करारा जवाब देगी ।
टीएमसी ने केंद्रीय योजनाओं का लाभ राज्य के नागरिकों को नहीं दिया
भाजपा सांसद लॉकेट चटर्जी ने लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव रखते हुए विभिन्न क्षेत्रों में मोदी सरकार के कार्यों एवं उपलब्धियों तथा केंद्रीय योजनाओं को गिनाया, वहीं अपने गृह राज्य पश्चिम बंगाल की सरकार को आड़े हाथ लेते हुए उस पर केंद्रीय योजनाओं को राज्य के नागरिकों तक नहीं पहुंचाने का आरोप भी लगाया।
चटर्जी ने पश्चिम बंगाल सरकार के संदर्भ में कहा कि कोरोना टीका को लेकर राजनीति हो रही है। राज्य सरकार कह रही है कि मुफ्त टीका देगी लेकिन यह आएगा कहां से ? भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि राज्य में भाजपा के 140 कार्यकर्ताओं की मौत के लिए कौन जिम्मेदार है...‘इसके लिए तृणमूल कांग्रेस जिम्मेदार है। तुष्टीकरण कौन करता है और 30 प्रतिशत की राजनीति कौन करता है... यह तृणमूल कांग्रेस करती है।
भाजपा सांसद लॉकेट चटर्जी ने यह बात ऐसे समय में कही है जब इसी साल अप्रैल-मई में पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है। चुनाव में भाजपा और ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के बीच टक्कर मानी जा रही है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र से जो भी योजनाएं पश्चिम बंगाल जाती हैं, वहां उनका नाम बदल दिया जाता है या किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का किसानों को लाभ ही नहीं दिया जाता।
चटर्जी ने कहा कि केंद्र से राज्य में गरीबों के लिए भेजे गए चावल की गुणवत्ता तक बदल गयी। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार और वहां सत्तारूढ़ पार्टी को राजनीति करनी है तो ’’हमारे साथ करे, गरीबों और किसानों के साथ नहीं करे।’’
चटर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार ने नई शिक्षा नीति पर भी रोक लगा दी। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत योजना को रोक दिया गया क्योंकि इसमें ‘कट-मनी’ नहीं मिलता।’’