पलायन की सूची जारी कर सुर्खियों में आए सांसद हुकुम सिंह ने अब मुजफ्फरनगर दंगे पर किताब प्रकाशित करने की बात कही है। उनका कहना है कि किताब में दंगे के असली आरोपी का चेहरा बेनकाब करूंगा।
सांसद हुकुम सिंह ने बताया कि किताब का प्रकाशन आगामी विधानसभा चुनाव से पहले हो सकता है। मंगलवार को प्रेसवार्ता के दौरान ही सांसद ने यह बात कहकर एक बार फिर मुजफ्फरनगर के सांप्रदायिक दंगे का जख्म हरा कर दिया। कवाल गांव में दो युवकों की हत्या होती है।
तत्कालीन जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह और एसएसपी मंजिल सैनी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई भी करते हैं, मगर लखनऊ में मुख्यमंत्री के बराबर वाली कुर्सी पर बैठने वाला शख्स दबाव बनाकर आरोपियों को छुड़वा देता है। दंगे का असली जिम्मेदार वही शख्स है, मगर प्रदेश सरकार ने दंगे का सच दबा दिया। वह मुजफ्फरनगर दंगे पर किताब लिखकर असली आरोपी का चेहरा बेनकाब करेंगे।
झिंझाना के सरदारों ने भी किया पलायन?
सांसद की प्रेसवार्ता के दौरान शामली नगरपालिका सभागार में झिंझाना क्षेत्र के गांव चौतरा निवासी गुरदास सिंह और विक्रम सिंह भी पहुंचे थे। बदमाशों ने उनके क्षेत्र में भी आतंक मचाया हुआ है, जिस कारण चौतरा कलरी निवासी कश्मीर सिंह, तखा सिंह तथा निर्मल सिंह सहित करीब 10 लोगों ने दहशत के कारण पलायन कर दिया।
पुनर्वास पर कराएंगे काम
सांसद हुकुम सिंह का कहना है कि फिलहाल कैराना में कानून व्यवस्था ठीक किए जाने को लेकर मुद्दा उठाया है। कैराना से जिन लोगों ने पलायन किया है, वह उनको पुनर्वास का प्रयास करेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर दंगे के दौरान जिन लोगों ने पलायन किया था, उनकी बस्तियों में सांसद निधि से बिजली लाइन सहित अन्य कई कार्य कराए। वहीं, उन्होंने कहा कि पंजीठ के पास कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय को फिर से संचालित कराने तथा उस क्षेत्र में माहौल ठीक कराने के लिए भी प्रयास किया जाएगा।