उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दो शिष्य। एक संतकबीर नगर से सांसद शरद त्रिपाठी और दूसरे विधायक राकेश सिंह बघेल। दोनों शिष्यों ने राजनीतिक प्रतिस्पर्धा, दमखम, प्रभाव और नाक की लड़ाई मानकर जूतम पैजार कर ली है। अब दोनों को ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सहारा है। सांसद और विधायक दोनों ने अपना-अपना पक्ष यूपी भाजपा अध्यक्ष के सामने रख दिया है। दोनों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के आसार हैं और दोनों ही नेताओं को योगी आदित्यनाथ से कृपा मिलने की उम्मीद भी है। बघेल और त्रिपाठी दोनों ने खुद के द्वारा पैदा किए गए इस संकट से ऊबरने के लिए पूरा जोर लगा दिया है।
योगी जी महाराज ने दिलाया टिकट, हमने लगाया जोर
विधायक राकेश सिंह बघेल की सुनिए। बघेल कहते हैं कि शरद त्रिपाठी को 2009 में योगी आदित्यनाथ जी महाराज ने टिकट दिलवाया था। योगी आदित्य जी महाराज ने शरद त्रिपाठी को जिताने के लिए संत कबीर नगर संसदीय क्षेत्र में 18 सभाएं की थी। तब भी एक लाख 81 हजार वोट ही त्रिपाठी पा सके। इस चुनाव में वह (बघेल) पार्टी लोकसभा के सह प्रभारी थे। योगी जी और शरद के पिता के कहने पर उन्होंने पूरी जान लगा दी थी। चुनाव के दौरान शरद त्रिपाठी हर भाषण में कहते रहे कि योगी आदित्यनाथ उनके राजनीतिक पिता हैं। इसका वह (बघेल) वीडियो भी उपलब्ध करवा सकते हैं। योगी आदित्यनाथ का नाम आते ही शरद त्रिपाठी कुछ नहीं बोलते। पूरे आदर के साथ फोन पर चुप हो जाते हैं। वह कहते हैं कि उन्होंने सारा तथ्य पार्टी फोरम पर रख दिया है। अब नेतृत्व जो निर्णय लेगा, उन्हें मंजूर है।