भाजपा ने आरोप लगाया है कि दिल्ली सरकार ने दिल्ली पुलिस को सुरक्षा ड्यूटी पर आने-जाने के लिए डीटीसी बसें उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया है। इस पर पार्टी सांसद मीनाक्षी लेखी ने गंभीर आपत्ति जताई है।
लेखी ने कहा है कि इस समय अरविंद केजरीवाल के हाथों में डीटीसी बसें हैं, तो वे इसे पुलिसकर्मियों को देने से इनकार कर रहे हैं। अगर उनके हाथ में दिल्ली पुलिस होती तो क्या करते? जब दिल्ली के चारों तरफ किसान आंदोलन के कारण सुरक्षा की गंभीर स्थिति बनी हुई है।
दिल्ली सरकार ने कथित तौर पर दिल्ली पुलिस को उन 576 बसों को लौटाने को कहा है, जिनसे दिल्ली पुलिस के जवान किसान आंदोलन में सुरक्षा के लिए ड्यूटी करने आते-जाते हैं। ये बसें दिल्ली पुलिस को ही नहीं दी जाती हैं, इनसे अन्य सुरक्षा बलों के जवान भी आवागमन करते हैं।
लेखी ने कहा कि लालकिला सहित कई जगहों पर अनेक बार हिंसा भी हो चुकी है। ऐसे समय में दिल्ली पुलिस से बसों की सेवाएं वापस ले लेना दुर्भाग्यपूर्ण है, क्योंकि इससे सुरक्षा में लगे जवानों की असुविधा बढ़ जाएगी। देश में लंबा इतिहास रहा है जब कुछ लोग देश के लिए सेवा करना चाहते हैं तो कुछ लोग अपनी अराजक गतिविधियों से देश को अस्थिर करना चाहते हैं।
इसके पूर्व, 26 जनवरी को लालकिले में हिंसा हुई थी, इस हिंसा में दिल्ली पुलिस के जवानों को भी चोटें आई थीं। हिंसा के दौरान डीटीसी बसों को भी निशाना बनाया गया था। किसानों और कुछ नेताओं ने इस मामले में दिल्ली पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए थे।