नई दिल्ली के नार्थ एवेन्यू में सांसदों को मिले आवासीय फ्लैट में एक पता है 197-नार्थ एवेन्यू। बाहर से देखने में यह एक आम फ्लैट, बस अंतर सिर्फ इतना कि यह फ्लैट बिहार के मुजफ्फरपुर के बीजेपी सांसद अजय निषाद को मिला हुआ है। फ्लैट के बाहर टिन शेड के बने घर में मिलने वालों की बड़ी संख्या। सब के सब अपनी-अपनी परेशानियों लेकर आए हैं।
सांसद आकर सभी मिलने वालों के बीच बैठते हैं। अजय यहां एक डॉक्टर की भूमिका में नजर आते हैं। बिना एक सेकेंड रुके बारी-बारी से आने का कारण पूछते हैं और समस्या का हल निकालने बैठ जाते हैं। अजय के रूटीन में यह काम सुबह और शाम में शामिल है। अजय बताते हैं कि क्षेत्र का दौरा करने से वह नहीं चुकते हैं। समय मिलते ही वह यहां से निकल कर क्षेत्र में पहुंच जाते हैं।
मिलने वालों से हाल-चाल जानने के बाद एक्शन शुरू
मुजफ्फरपुर के हर एरिया से आए गरीब से अमीर लोगों से मिलकर हाल-चाल स्वयं पूछने के बाद अजय एक्शन मोड में आ जाते हैं। कोई एम्स में दिखने के लिए मदद मांगने आया है तो कोई अपने और परिवार के रोजी रोटी के लिए कोई काम। कई ऐसे भी हैं जो घर जाने के लिए रेल टिकट नहीं होने की गुहार लगाने आए हैं। कुछ लोग वैसे भी हैं, जिनके पास रहने का इंतजाम नहीं है और वह वहीं रह रहे हैं। हर किसी की समस्या सुनने के बाद सांसद तुरंत अपने पीए से अमल में लाने के लिए लेटर से फैक्स तक कराते हैं।
मेरे पास सिफारिश लाने की जरूरत नहीं
अजय कहते हैं, मुझे यह अवधारणा को खत्म करना है कि किसी बड़े नाम वाला का ही काम होगा। मेरे पास आने वाले को किसी भी बड़े नाम की सिफारिश लेकर आने की जरूरत नहीं है। मैं सभी के लिए एक सामान भाव से काम करता हूं। मैं कभी यह नहीं पूछता कि वह कौन है, किस वर्ग विशेष से है। मेरे पास आया है तो मैं उसका काम करुंगा यही मेरा कर्तव्य है और मैं कर रहा हूं।
विकास के आगे महागठबंधन कहीं भी नहीं
BJP
2019 चुनाव की बात करने पर बीजेपी सांसद अजय निषाद ने कहा कि मोदी सरकार आने के बाद से वे और उनकी पार्टी लगातार काम कर रही है। यही उनकी और उनकी पार्टी की तैयारी है। निषाद ने कहा कि हमने जो पांच साल में काम किया है, उसके सामने महागठबंधन कहीं नहीं टिकता। उन्होंने माना कि देश में जात-पात की राजनीति अभी भी हावी है, लेकिन इतना भी नहीं कि लोग काम को नहीं समझे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो बुनियाद रखी है वह हमें अगले कुछ सालों में सुपर पावर बनाएगी। ये बात जनता भी महसूस कर रही है। यही मेरी और पार्टी की ताकत हैं।
मोदी जी की मजबूत बुनियाद ही मेरी ताकत
निषाद ने कहा कि, "मैं अपने सांसद होने का कर्तव्य पूरा करने में यकीन रखता हूं। अगर किसी योजना से हजारों लोगों का भला होता है तो मैं उसे पूरा करने में यकीन रखता हूं न कि उस योजना के प्रचार पर करोड़ों रुपये खर्च कर वाहवाही लुटने में। मोदी सरकार की प्राथमिकता ही कम को तय समय में किसी भी स्थिति में पूरा करना। मैं वही कर रहा हूं। यही मेरी कमाई या पूंजी है जिसको मैंने कमाया है और यह मैं ही नहीं कह रहा हूं मेरे क्षेत्र की जनता भी यही कह रही है। मैं अपनी इसी कमाई को लेकर चुनाव में उतरने वाला हूं।"
क्षेत्र से बाहर वालों के लिए भी खुले हैं दरवाजे
किसी सांसद के आवास पर बैठे कर यह देखना भी बड़ा सुखद होता है, जब वह अपने क्षेत्र ही नहीं बल्कि दूसरे क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को भी उसी तत्परता से हल करने की कोशिश कोई युवा सांसद करता हो। कुछ ऐसा ही नजारा अजय निषाद के आवास पर देखने को मिला जब बक्सर से आई एक पुलिस वाले की लड़की को सांसद ने बिना देर किए उसकी समस्या सुनी ही नहीं बल्कि निपटाया भी। आप सोच रहेंगे होंगे कि एक पुलिस वाले की लड़की को एक सांसद से क्या जरूरत आ पड़ी।
तो मामला कुछ ऐसा था कि उस लड़की की पिता की तबियत काफी नाजुक थी और वो बक्सर में पोस्टेड थे। उनका तबादला पटना हो गया था कि लेकिन किसी कारण बस उनको चार्ज नहीं मिल रहा था। जब लड़की ने अपने परिवार को पिता की मजबूरी बताई तो एक क्षण के भीतर ही बिहार पुलिस के एक बड़े अधिकारी को फोन मिलकर मानवीय सहायता देने का आग्रह करने में भी पीछे नहीं रहे।