तेलंगाना से भाजपा विधायक टी राजा सिंह ने विवादित बयान दिया है। उन्होंने असम मामले में घुसपैठियों को गोली मारने को कहा है। उन्होंने कहा कि अगर रोहिंग्या और बांग्लादेशी अप्रवासी भारत छोड़कर नहीं जाते हैं तो उन्हें गोली मार दो। उन्होंने कहा कि तब हमारा देश सुरक्षित रहेगा।
बता दें कि असम में एनआरसी (नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स) के ड्राफ्ट को लेकर संसद के बाहर और भीतर लगातार हंगामा जारी है। इस ड्राफ्ट के खिलाफ अब विपक्षी नेता खुलकर सामने आ गए हैं। जहां एक तरफ ममता बनर्जी इस मुद्दे पर आज दिल्ली आकर विपक्ष और सत्ता के नेताओं से मुलाकात कर रही हैं वहीं बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
राज्यसभा में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि आप बांग्लादेशी घुसपैठियों को बचाना चाहते हैं। घुसपैठियों की पहचान करने की हिम्मत आज तक किसी सरकार ने नहीं दिखाई।
वहीं राजनाथ सिंह ने कहा कि रोहिंग्या पर सरकार ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सरकार म्यांमार भेजने पर प्रक्रिया शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा बल और असम राइफल्स को रोहिंग्या घुसपैठ रोकने के लिए तैनात किया गया है। राज्यों को एडवाइजरी जारी की गई है। उन्हें भारत आ चुके रोहिंग्या पर नजर बनाए रखने और मॉनिटर करने के साथ ही एक जगह पर रखने के लिए कहा गया है। उनसे कहा गया है कि वह उन्हें फैलने ना दें।'
राज्यसभा में कांग्रेस के सांसद गुलाम नबी आजाद ने कहा, 'असली भारतीयों को देश से बाहर नहीं भेजा जाएगा। एनआरसी का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए और वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल नहीं होने चाहिए। यह मानवाधिकार का मसला है ना कि हिंदू-मुसलमान का।'
बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायवती ने कहा कि भाजपा शासित असम में एनआरसी ड्राफ्ट के जरिए लगभग 40 लाख अल्पसंख्यकों की नागरिकता को अवैध करार दे दिया गया है। यदि लोग असम में लंबे समय से रह रहे हैं और वह अपनी नागरिकता का सबूत देने में सक्षम नहीं है तो इसका मतलब यह नहीं है कि उन्हें देश से बाहर फेंक दिया जाए।'
वहीं त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब ने एनआरसी को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा में एनआरसी को लेकर कोई मांग नहीं है। त्रिपुरा में हर चीज सुव्यवस्थित है। मुझे लगता है कि यह असम के लिए भी कोई बड़ा कारण नहीं है, सर्वानंद सोनोवाल जी इसे व्यवस्थित करने में सक्षम हैं। कुछ लोग डर फैलाकर माहौल को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।