भारतीय जनता पार्टी (BJP) इन दिनों अपने 18 करोड़ सदस्यों को खोजने में जुटी है। इसके लिए बड़ी टीम लगाई गई है। ये वो सदस्य हैं, जिन्होंने मिस्ड कॉल करके पार्टी की सदस्यता ली थी। अब पार्टी इन सदस्यों का डेटा दुरुस्त करने में जुटी है। इसके जरिए पार्टी बड़े पैमाने पर लोकसभा और विधानसभा चुनावों की तैयारी कर रही है।
कौन हैं ये 18 करोड़ सदस्य?
दरअसल, लंबे समय से BJP मिस्ड कॉल के जरिए पार्टी की सदस्यता देने का अभियान चला रही है। इसके लिए एक टोल फ्री नंबर जारी किया गया है। जिसपर मिस्ड कॉल करने पर कोई भी भाजपा का सदस्य बन जाता है। अब तक 18 करोड़ से ज्यादा लोग इस तरह से भाजपा के सदस्य बन चुके हैं। अब भाजपा इन्हीं सदस्यों का डेटा दुरूस्त करने में जुटी है।
क्यों दुरुस्त किया जा रहा डेटा?
इसे समझने के लिए हमने भाजपा के एक राष्ट्रीय नेता से बात की। उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि आंकड़े और हकीकत में काफी अंतर होता है। मिस्ड कॉल के जरिए 18 करोड़ से ज्यादा लोग सदस्य बन चुके हैं। जब तक इस आंकड़े को पुख्ता नहीं कर लिया जाए तब तक ये आंकड़े सिर्फ दावों में ही रहेंगे। यही कारण है कि जिन नंबरों से मिस्ड कॉल के जरिए सदस्यता हासिल की गई है, उसकी पुष्टि करने का फैसला पार्टी नेतृत्व ने लिया है। इसके लिए बूथ लेवल तक डेटा फिडिंग का काम चल रहा है। एक-एक नंबर की पुष्टि की जा रही है और उसका पूरा ब्योरा तैयार हो रहा है।
डेटा दुरुस्त करने का क्या फायदा?
BJP के राष्ट्रीय नेता ने चार पॉइंट्स में डेटा सत्यापन के फायदे गिनाए। उन्होंने कहा, ‘सत्यापन हो जाने के बाद भाजपा मजबूती से उन तमाम सवालों का जवाब दे सकेंगी जो पार्टी की सदस्यता को लेकर किए जाते हैं। अभी जो डेटा सत्यापन का काम हो रहा है, उसमें मिस्ड कॉल से सदस्यता लेने वालों की पूरी जानकारी हासिल की जा रही है। मसलन वह कहां रहते हैं, क्या करते हैं, उम्र, परिवार के सदस्यों के बारे में भी जानकारी ली जा रही है। एक बार ये डेटा तैयार होने के बाद भाजपा दुनिया की सबसे मजबूत पार्टी भी बन जाएगी। इसके बाद राष्ट्रीय स्तर का कोई भी नेता एक क्लिक में देश के किसी भी हिस्से के कार्यकर्ताओं से जुड़ सकेगा।’