कहा जा रहा है कि राजस्थान में सवर्णों की नाराजगी भाजपा की हार का कारण बनी। यहां का राजपूत समुदाय और करणी सेना पिछले कई दिनों से भाजपा का विरोध कर रहे थे और उनका ये गुस्सा बूथों तक भी पहुंचा, जिसका नुकसान भाजपा को उठाना पड़ा।
मध्य प्रदेश में भी सवर्णों की नाराजगी के ये थे कारण
एससी-एसटी एक्ट पर सबसे ज्यादा आंदोलन मध्य प्रदेश में ही हुए और इसी कारण सवर्णों ने एक अलग पार्टी सपाक्स बनाई और चुनाव लड़ने का एलान किया। हालांकि सपाक्स को ज्यादा वोट नहीं मिले। उसे 1 लाख 56 हजार 486 वोट ही मिले, लेकिन इसने लगभग 10 सीटों के परिणामों को जरूर प्रभावित किया और इसका असर भाजपा पर पड़ा।
दरअसल, यहां सवर्णों की नाराजगी इस पर थी कि जब अदालत ने एससी-एसटी एक्ट पर फैसला दे ही दिया है तो महज दलितों को खुश करने के लिए संसद ने कोर्ट के फैसले को पलटने के लिए क्यों कानून बना दिया? अब केंद्र की भाजपा सरकार को ये कितना भारी पड़ेगा, ये तो वक्त बताएगा, लेकिन फिलहाल इसका नुकसान मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार को उठाना पड़ा और इसी कारण उसे सत्ता से बेदखल होना पड़ा।