फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karnataka MUDA Case: सिद्धारमैया ने कहा- भाजपा मुझ पर लगा रही बेबुनियाद आरोप, मैं सामाजिक न्याय का समर्थक हूं

Tue, 20 Aug 2024 04:21 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

Karnataka: मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (मुडा) घोटाले को लेकर विपक्ष के वार पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा मुझ पर बेबुनियाद आरोप लगा रही है। मैं गरीब, दलित और सामाजिक न्याय का समर्थक हूं।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भाजपा पर लगाए आरोप - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मंगलवार को भाजपा पर उन पर बेबुनियाद आरोप लगाने का आरोप लगाया है। इस दौरान उन्होंने कहा कि वह हमेशा से गरीबों, दलितों और सामाजिक न्याय के पक्षधर रहे हैं। सीएम सिद्धारमैया की यह टिप्पणी राज्यपाल थावरचंद गहलोत की तरफ से भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17ए के तहत उनके खिलाफ जांच और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 218 के तहत भ्रष्टाचार के आरोपों में मुकदमा चलाने की अनुमति दिए जाने के बाद आई है।
विज्ञापन


भाजपा पर सीएम सिद्धारमैया ने लगाए आरोप
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत देवराज अर्स की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में सीएम सिद्धारमैया ने आरोप लगाया, भाजपा के लिए गरीबों, पिछड़े वर्गों, दलितों और अल्पसंख्यकों के साथ खड़ा होना असंभव है।

'मैं गरीबों का समर्थक हूं, इसलिए बीजेपी मेरे खिलाफ'
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने आगे कहा, कांग्रेस हमेशा महिलाओं, गरीबों, अल्पसंख्यकों और दलितों की समर्थक रही है। चूंकि, मैं समाज में असमानता के खिलाफ हूं और गरीबों का समर्थक हूं, इसलिए भाजपा मेरे खिलाफ है और वह सब कर रही है, जो नहीं किया जाना चाहिए। इसलिए वे मेरे खिलाफ बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।
विज्ञापन


मुडा मामले में जुड़े आरोपों पर सीएम ने बताया मनगढंत
सिद्धारमैया ने आरोप लगाया कि भाजपा हमेशा चाहती है कि गरीब लोग उसी स्थिति में रहें और सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूत न बनें। सिद्धारमैया ने मैसूरु शहरी विकास प्राधिकरण (एमयूडीए) द्वारा स्थलों के आवंटन में अनियमितताओं से संबंधित आरोपों को 'मनगढंत' करार दिया है। वहीं, भाजपा ने पारदर्शी और निष्पक्ष जांच के लिए मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की है।

राज्यपाल का फैसला कानूनी रूप से अस्थिर- सिद्धारमैया
वहीं सोमवार को हाईकोर्ट में राज्यपाल के आदेश को चुनौती देने वाली अपनी रिट याचिका में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बिना सोचे-समझे जारी किया गया, वैधानिक आदेशों का उल्लंघन है और सांविधानिक सिद्धांतों के विपरीत है। इस मामले में सिद्धारमैया ने कहा कि राज्यपाल का फैसला कानूनी रूप से अस्थिर है, प्रक्रियात्मक रूप से त्रुटिपूर्ण है और बाहरी विचारों से प्रेरित है। इधर भाजपा ने पारदर्शी और निष्पक्ष जांच का रास्ता साफ करने के लिए मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की है।
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें