महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने शुक्रवार को कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कार्यकाल में कुछ भाजपा नेताओं के भी फोन टेप किए गए थे। उनके इस बयान से प्रदेश भाजपा में गुटबाजी तेज हो सकती है।
गृहमंत्री देशमुख ने ऐसे समय में यह बयान दिया है जब एक दिन पहले ही नाराज भाजपा नेता एकनाथ खडसे ने कथित फोन टेपिंग की जांच कराए जाने की प्रसंशा की थी। हालांकि खडसे ने यह भी कहा था कि उन्हें नहीं लगता, भाजपा-शिवसेना सरकार में उनका फोन टेप किया गया।
देशमुख ने पहले ही कहा था कि देवेंद्र फडणवीस के मुख्यमंत्री रहते अक्तूबर में विधानसभा चुनाव के दौरान एनसीपी, कांग्रेस और शिवसेना के नेताओं के फोन टेप किए गए थे। इसके लिए इस्राइल से साफ्टवेयर मंगाया गया था और दो अधिकारियों को इस्राइल में ट्रेनिंग के लिए भी भेजा गया था।
इस मामले में राज्य सरकार ने बीते तीन फरवरी को अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) श्रीकांत सिंह और खुफिया विभाग के संयुक्त सचिव अमरेश कुमार की दो सदस्यीय समिति गठित की है जो फोन टेपिंग मामले की जांच कर छह सप्ताह में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस आरोप का लगातार विरोध किया है।