ओबीसी नेता अल्पेश ठाकोर की कांग्रेस में एंट्री को भाजपा यूं तो हल्का कदम करार देने में जुटी है। मगर अंदर खाने पार्टी में अल्पेश के कांग्रेस का दामन थामने के कदम को लेकर हलचल है।
पार्टी के अंदर बढ़े हलचल का ही परिणाम है कि अल्पेश की रैली में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के संबोधन के वक्त यहां दिल्ली में न सिर्फ सरकार के नंबर दो के मंत्री कहे जाने वाले गृह मंत्री राजनाथ सिंह की कश्मीर मामले को लेकर पत्रकार वार्ता रखी गई। बल्कि भाजपा मुख्यालय में आनन-फानन में केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद को मोर्चे पर उतारा गया।
प्रसाद रविवार को ही विदेश से लौटे हैं। उन्हें देश में चल रहे मुद्दे की ताजा जानकारी भी नहीं थी। मगर वे अहमदाबाद रैली में ठीक राहुल के संबोधन के वक्त ही दिल्ली में मीडिया को संबोधित करने उतरे। अल्पेश की कांग्रेस में एंट्री को बढ़ा-चढ़ा के दिखाने के मामले को लेकर राहुल को आड़े हाथ लेते हुए प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष को होमवर्क करके मैदान में उतरना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि अल्पेश पहले से ही कांग्रेस पार्टी से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर पंचायत का चुनाव भी लड़ा था जिसमें उन्हें हार नसीब हुई थी। इसके अलावा अल्पेश के पिता कांग्रेस पार्टी के जिलाअध्यक्ष रह चुके हैं। उन्होंने अल्पेश की कांग्रेस में एंट्री को कांग्रेस का प्रोपगेंडा करार दिया।
पूर्व में उमर अब्दुल्ला और अखिलेश यादव के साथ राहुल गांधी की फ्लॉप जोड़ी का हवाला देते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि गुजरात में भी बनने वाली जोड़ी का हश्र अखिलेश और उमर सरीखा होगा।