कहा, सरकार के लिए मैं ब्रेन डेड, सलाह देने की भी नहीं है हैसियत
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बीते कुछ महीने से मौन भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व विदेश मंत्री यशवंत सिन्हा ने परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) सदस्यता और पाकिस्तान नीति के बहाने एक बार फिर मोदी सरकार पर निशाना साधा है। सिन्हा ने कहा कि सरकार में बैठे कुछ लोग एनएसजी पर मोदी सरकार को गुमराह कर रहे हैं। हमें क्यों आवेदक के रूप में एनएसजी में शामिल होना चाहिए? इस समय तो वैसे भी भारत का एनएसजी में शामिल होना उचित नहीं है। ऐसा हुआ तो हम लूजर साबित होंगे।
हमें समझना होगा कि इस समय दुनिया को हमारी जरूरत है। भारत आवेदक के रूप में एनएसजी में न जाए। बल्कि एनएसजी खुद ही भारत की सदस्यता पर चर्चा करे।
उन्होंने सरकार की पाकिस्तान नीति की जम कर आलोचना की और कहा कि सरकार जितनी जल्दी अपनी इस नीति को छोड़ेगी, देश का उतना ही भला होगा। सिन्हा ने एक बार फिर से सरकार के लिए खुद को ब्रेन डेड बताया। उन्होंने कहा कि मेरी इतनी भी हैसियत नहीं है कि मैं सरकार को सलाह दे सकूं।
सिन्हा ने कहा कि मैं शुरू से ही सरकार को उसकी पाकिस्तान नीति के लिए चेताता रहा हूं। अगर जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले में मारे गए दो आतंकी पाकिस्तानी थे तो इसका सीधा सा अर्थ है कि दोनों देशों के बीच युद्ध चल रहा है। सरकार जितनी जल्दी अपनी पाकिस्तान नीति से पीछे हटेगी, देश के लिए उतना ही भला होगा।
गलत उत्साह का हुआ शर्मिंदगी पर अंत: कांग्रेस
एनएसजी पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया
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वहीं कांग्रेस ने परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह की सदस्यता की दावेदारी के प्रयास को नरेंद्र मोदी सरकार का ‘इवेंट मैनेजमेंट’ करार देते हुए सरकार पर अपने गलत उत्साह के साथ राष्ट्र को शर्मिंदा करने का आरोप लगाया। पूर्व केंद्रीय मंत्री व कांग्रेस प्रवक्ता आनंद शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार को आवेदन देने की जरूरत देने का कोई कारण नहीं था। यह गलत सलाह थी।
पीएम मोदी ने स्विट्जरलैंड और मैक्सिको दौरे पर जो साहस और समय से पहले दावा किया, ऐसा प्रतीत होता था कि सभी हमारा समर्थन कर रहे हैं।
आनंद शर्मा ने कहा, ‘मैं यह दोहराना चाहता हूं कि कूटनीति जोरदार घोषणाओं, प्रचार के माहौल, उम्मीदों या गलत उत्साहों से नहीं होती है जिसका अंत देश के लिए शर्मिंदगी के साथ हो।’ पार्टी के अन्य प्रवक्ता टॉम वडक्कन ने कहा कि ‘एनएसजी पर इवेंट मैनेजमेंट’ की जरूरत नहीं थी।
उन्होंने कहा कि इस पर बहुत उत्साह था कि स्विट्जरलैंड और अन्य देश हमारा समर्थन कर रहे हैं लेकिन स्विट्जरलैंड समेत आठ से नौ देशों ने हमारा विरोध किया। वडक्कन ने आरोप लगाया कि विदेशी मामलों को तय करने में देश के विदेश मंत्री की कोई भूमिका नहीं थी।
Published By Rahul Sankrityayan