फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bakrid Qurbani: बकरीद पर बकरों की कुर्बानी को लेकर विवाद शुरू, भाजपा नेता ने मुसलमानों को दी ये सलाह

Thu, 05 Jun 2025 10:38 PM IST
पवन पांडेय डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ईद उल-अजहा यानी बकरा ईद को लेकर देश में विवाद शुरू हो गया है। एक तरफ जहां एक पक्ष इस दौरान बकरों की कुर्बानी को विरोध कर रहे हैं। वहीं दूसरा पक्ष कुर्बानी को सही बता रहा है। इसी बीच भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी ने कहा है कि संविधान में कुर्बानी को लेकर कोई प्रतिबंध नहीं है।
विज्ञापन
बकरीद पर कुर्बानी को लेकर बोले जमाल सिद्दीकी - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बकरीद पर बकरों की कुर्बानी को लेकर विवाद शुरू हो गया है। हिंदू धार्मिक संगठन बकरीद पर बकरे या किसी अन्य पशु की कुर्बानी का विरोध कर रहे हैं, जबकि मुसलमान समुदाय के नेता इस विरोध को गैर जरूरी और कुर्बानी को अपनी धार्मिक आजादी बता रहे हैं। इसी बीच भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी ने कहा है कि संविधान में कुर्बानी को लेकर कोई प्रतिबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को संविधान के दायरे में रहते हुए किसी प्रतिबंधित पशु की कुर्बानी देने से बचते हुए अपना त्योहार मनाना चाहिए।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - Bengaluru Stampede: बंगलूरू पुलिस कमिश्नर समेत अधिकारियों पर गिरी गाज, सिद्धारमैया ने लापरवाही पर की कार्रवाई

भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी ने अमर उजाला से कहा कि इस्लाम में कुर्बानी को लेकर भी कई अलग-अलग नियम हैं। गरीबों को कुर्बानी से छूट दी गई है तो अमीरों को कुर्बानी करने को अनिवार्य बताया गया है। ऐसे में कुर्बानी को लेकर कोई एक नियम सबके लिए नहीं हैं। सबको अपनी स्थिति-परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए कुर्बानी पर निर्णय लेना चाहिए। लेकिन जिस भी पशु की कुर्बानी पर कानून में रोक लगाई गई है, उन पशुओं की कुर्बानी देने से दूर रहना चाहिए। 
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - सिक्किमः IAF के हेलीकॉप्टरों की मदद से बचाव कार्यों में आई तेजी, दो अमेरिकी नागरिक सहित 199 लोगों को निकाला

जमाल सिद्दीकी ने कहा कि भारत के संविधान में कुर्बानी पर कोई रोक नहीं है। सबको अपने अनुसार त्योहार मनाने की आजादी है। जो लोग बकरे की  कुर्बानी देने का विरोध कर रहे हैं, यह उनकी सस्ती लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र-राज्य सरकारें इस तरह का कोई कानून बनाती हैं तो हर मुसलमान उसका पालन करने का काम करेगा। लेकिन जब संविधान-कानून में कुर्बानी देने पर कोई रोक नहीं है तो इस तरह के विवाद खड़े करके माहौल खराब नहीं करना चाहिए।


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें