जेएनयू हमले पर भाजपा महासचिव राम माधव ने शनिवार को कहा कि यह कुछ वामपंथी आतंकवादी छात्रों की हरकत है। ये लोग पिछले कई दशकों से जेएनयू में सक्रिय हैं और हजारों छात्रों की पढ़ाई व शोधकार्य को प्रभावित कर रहे हैं।
राम माधव ने पांच जनवरी को जेएनयू में हुई हिंसा को वामपंथियों की साजिश करार दिया। उन्होंने कहा, वामपंथी विचारधारा वाले छात्र दशकों से यहां आतंक बनाए हुए हैं। इन्होंने हजारों छात्रों को प्रताड़ित किया है। हालिया घटना भी इसी का उदाहरण है। कुछ आतंकी प्रवृत्ति के छात्र हमेशा हजारों विद्यार्थियों के अधिकारों को इसी तरह नुकसान पहुंचाते हैं।
राम माधव ने कश्मीर के मुद्दे पर पूछे गए सवाल पर कहा, वहां हालात सामान्य हो रहे हैं। इंटरनेट सेवा भी ज्यादातर इलाकों में बहाल हो गई है और स्थानीय नेताओं को भी हिरासत से रिहा किया जा रहा है। अब सिर्फ 20-25 नेता ही हिरासत में हैं और चरणबद्ध तरीके से इन्हें भी छोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा, जम्मू कश्मीर में लोग सामान्य जीवन जी रहे हैं। हालांकि विपक्ष इस मुद्दे पर बेवजह का दुष्प्रचार कर रहा है।
वहीं सीएए और एनआरसी के मुद्दे पर उन्होंने कहा, 90 फीसदी लोग मोदी सरकार के फैसलों का समर्थन कर रहे हैं, फिर चाहें वह नागरिकता का मुद्दा हो या फिर राम मंदिर का। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीएए किसी सूरत में बांटने वाला कानून नहीं है, यह तो लोगों को अपनाने का उन्हें नागरिकता देने का कानून है। इससे किसी भारतीय को कोई नुकसान नहीं होगा।