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गुजरात: अमित शाह बोले- सीएए का मकसद लोगों को नागरिकता देना है, न कि छीनना

Sat, 11 Jan 2020 09:58 PM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गांधीनगर
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गृह मंत्री अमित शाह - फोटो : Twitter
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुजरात के गांधीनगर में विश्वास और साइबर अश्वस्त परियोजना के उद्घाटन के अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा अधिक से अधिक तकनीक के इस्तेमाल के जरिए अपराधों को रोका जा सकता है। साथ ही गृह मंत्री ने कहा कि विपक्ष सीएए पर झूठ फैला रहा है और इस कानून का मकसद लोगों को नागरिकता देना है न कि नागरिकता छीनना है।

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गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) पर विपक्ष की ओर से फैलाए गए झूठ ने देश में अराजकता फैला दी है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इस नए कानून का लक्ष्य लोगों को नागरिकता देना है, उनसे नागरिकता छीनना नहीं।

शाह ने भाजपा कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे लोगों के घर-घर जाकर उन्हें नए कानून के प्रावधानों के बारे में समझाएं। गुजरात पुलिस की विभिन्न परियाजनाओं के उद्घाटन के लिए आयोजित समारोह में शाह ने आरोप लगाया कि विपक्ष के पास और कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए वे सीएए के बारे में झूठ और भ्रम फैला रहे हैं। इसके कारण पूरे देश में अराजकता फैल गई है।
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गृह मंत्री ने कहा कि इस कानून का लक्ष्य तीन पड़ोसी मुल्कों पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में परेशान किए जा रहे अल्पसंख्यकों को नागरिकता देना है। उन्होंने कहा कि हमारे पास लोगों को सच समझाने की ताकत है। मैं भाजपा कार्यकर्ताओं से अनुरोध करता हूं कि वे घर-घर जाकर लोगों को कानून से होने वाले लाभ के बारे में बताएं। हमारा अभियान पूरा होने के बाद देश के लोग सीएए के महत्व को समझेंगे।

अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति अस्थायी चरण: शाह 

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति अस्थायी चरण है और भारत 2024 तक पांच लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था होगा। गुजरात टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में शाह ने छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, पहले 70 सालों में हमारी अर्थव्यवस्था दो लाख करोड़ तक ही पहुंची। पीएम मोदी के पहले पांच साल के कार्यकाल में हम इसे तीन लाख करोड़ तक ले गए। झूठे प्रोपगेंडा पर भ्रमित होने की जरूरत नहीं है। जब भारत पांच लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था बनेगा तो इसका लाभ आपको सबसे ज्यादा होगा। 
गृहमंत्री ने कहा, कुछ लोग कहते हैं कि देश में अब भी गरीबी, भूख और निरक्षरता मौजूद है, लेकिन युवाओं को इन दावों तवज्जो नहीं देनी चाहिए। कोई भी 130 करोड़ लोगों के बाजार वाले देश को नहीं रोक सकता। शाह ने छात्रों से पराली जलाने जैसी देश की विशिष्ट समस्याओं के समाधान के लिए स्टार्ट अप शुरू करने का आग्रह किया, ताकि इन समस्याओं से निपटा जा सके। उन्होंने कहा कि हमारे युवाओं को इन समस्याओं के लिए तकनीक खोजनी चाहिए।   
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