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आज भी हिट है आडवाणी का रथ यात्रा वाला फार्मूला

Wed, 14 Feb 2018 06:47 PM IST
अतुल सिन्हा, नई दिल्ली,
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लालकृष्ण आडवाणी - फोटो : अमर उजाला
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देश में इन दिनों एक बार फिर से रथ यात्राओं की धूम है। रथ भी ऐसे शानदार जिन्हें देखकर ही रामराज्य की परिकल्पना साकार होती दिखे। 28 साल पहले जब लालकृष्ण आडवाणी ने सोमनाथ से अयोध्या के लिए राम रथयात्रा निकाली थी और उसकी बदौलत भारतीय जनता पार्टी को एक बड़ी ताकत के तौर पर स्थापित कर दिया था, तब देश के हालात कुछ और थे।
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लेकिन भाजपा की रथयात्रा संस्कृति में निरंतर नए नए आयाम जुड़ते गए और जनादेश यात्रा से लेकर परिवर्तन यात्राओं का ऐसा दौर चला कि इसे चुनाव जीतने और आम लोगों के करीब पहुंचने का एक जबरदस्त हथियार बना दिया गया। इसका असर भी दिखा और बेहतरीन वक्ताओं से भरी भाजपा को इसका जो राजनीतिक फायदा मिला, वो सबके सामने है।

आम लोगों के लिए अच्छे दिन आएं या न आएं, लेकिन लगता है इन रथयात्राओं से रामराज जरूर आ जाएगा। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी इमारतों को भगवा रंग में रंगकर आम लोगों की मानसिकता बदलने में लगे हैं तो अयोध्या में राम मंदिर बनाने को लेकर नए सिरे से जो कोशिशें हो रही हैं, उसमें मंगलवार से शुरू हुई रामराज्य रथयात्रा अहम भूमिका निभाने निकली है। 
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रामायण काल को स्थापित करने की कोशिश में लगे हैं

रामराज्य रथयात्रा - फोटो : अमर उजाला
बेशक इस बार इसमें न तो आडवाणी जी हैं, न जोशी जी, न उमा भारती लेकिन श्री रामदास मिशन यूनिवर्सल सोसायटी के सौजन्य से निकल रही इस यात्रा में तमाम ऐसे भगवाधारी धर्मावलंबी हैं जो हिन्दू संस्कृति और रामायण काल को स्थापित करने की कोशिश में लगे हैं।
प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को सौंपे जाने वाले ज्ञापन में जो मांगें हैं उनमें राम मंदिर बनवाना, रामायण को पाठ्यक्रम में शामिल करना, गाय और गंगा की रक्षा करना जैसे मुद्दे शामिल हैं। इस पर 10 लाख लोगों और 50 हजार साधु संतों के हस्ताक्षर होंगे। 6000 किलोमीटर की यह रथयात्रा 23 मार्च को रामेश्वरम पहुंचेगी।

एक और दिलचस्प यात्रा दिल्ली के इंडिया गेट से देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने रवाना की – जल मिट्टी रथयात्रा। इसका मकसद भी कम दिलचस्प नहीं। इसके जरिये देश की सीमाओं की मिट्टी और चार धामों का जल लाकर राष्ट्रीय रक्षा महायज्ञ करना है। इसके लिए जगह जगह से लाए गए जल और मिट्टी को इकट्ठा करके दिल्ली के लाल किले में 108 यज्ञ कुंड बनाए जाएंगे।

भाजपा के इस महायज्ञ में प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की मौजूदगी में 1,111 ब्राह्मण सवा दो सौ करोड़ मंत्रों का जाप करेंगे।
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