पश्चिम बंगाल के एक स्थानीय भाजपा नेता की उत्तर 24 परगना जिले के टीटागढ़ के पास रविवार को दो बाइक सवार हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। यह जानकारी बंगाल पुलिस ने दी। शाम को बीटी रोड पर स्थानीय पार्षद मनीष शुक्ला पर दोनों हमलावरों ने गोलियां चलाईं। इसके बाद उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
भाजपा नेतृत्व ने इस घटना के लिए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को दोषी ठहराया है लेकिन सत्तारूढ़ दल ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, ‘यह शर्मनाक है कि टीएमसी ने अब राजनीतिक विरोधियों के सफाए की राजनीति शुरू कर दी है। हमें स्थानीय पुलिस पर भरोसा नहीं है क्योंकि यह घटना पुलिस स्टेशन के सामने घटी। हम सीबीआई जांच चाहते हैं।’
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भाजपा सांसद अर्जुन सिंह ने भी शुक्ला की हत्या के लिए टीएमसी को जिम्मेदार ठहराया और दावा किया कि कारबाइन से उन पर गोलियां चलाई गईं। शुक्ला पिछले साल भाजपा में शामिल हुए थे। उन्हें सिंह का करीबी माना जाता है। टीएमसी के वरिष्ठ नेता निर्मल घोष ने कहा कि यह घटना भाजपा के भीतर की भावना का परिणाम है और उनकी पार्टी के खिलाफ आरोप निराधार हैं।
रात करीब साढ़े नौ बजे शुक्ला को गोली लगने के बाद विशाल पुलिस दल को घटनास्थल पर भेजा गया था। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘हमने जांच शुरू कर दी है और सभी संभावित एंगल को देखा जाएगा।’ घटना के विरोध में भाजपा ने सोमवार को बैरकपुर क्षेत्र में 12 घंटे के बंद का आह्वान किया है। इसी बीच राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता व्यक्त की और सोमवार सुबह अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह और डीजीपी को तलब किया है।