भाजपा नेता आर अशोक ने दावा किया कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया अपनी कुर्सी बचाने के लिए उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के वफादार विधायकों पर खुफिया एजेंसियों से नजर रखवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था और बढ़ते अपराधों को छोड़कर सरकार विधायकों की गिनती और राजनीतिक निगरानी में लगी है, जो प्रशासन के राजनीतिकरण को दिखाता है। पढ़िए रिपोर्ट-
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता आर अशोक ने सोमवार को आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को समर्थन करने वाले विधायकों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए खुफिया एजेंसियों का इस्तेमाल किया है। एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपनी कुर्सी बचाने के लिए अफनी ही पार्टी के भीतर मौजूद प्रतिद्वंद्वियों पर नजर रखने के लिए खुफिया एजेंसियों का सहारा ले रहे हैं।
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कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया। इसमें उन्होंने लिखा, अब राज्य खुफिया विभाग का नया फुल-टाइम काम इसकी निगरानी करना है कि उपमुख्यमंत्री शिवकुमार गुट के रात्रिभोज में कौन-कौन शामिल हो रहा है, ।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि जहां एक ड्रग फैक्टरियां बेखौफ संचालित हो रीह है, सांप्रदायिक तनाव बढ़ रहा है और कानून-व्यवस्था कमजोर हो रही है, वहीं सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकी विधायकों की गिनती करना और छाया बनकर राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों का पीछा करना है। उन्होंने कहा कि यह मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के प्रशासन का पूरी तरह राजनीतिकरण है। अशोक ने आरोप लगाया कि राज्य की एजेंसियां कर्नाटक की जनता की सुरक्षा के लिए होती है, न कि मुख्यमंत्री की कुर्सी बचाने के लिए।
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए क्या कहा?
आर अशोक ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा, अब राहुल गांधी कहां हैं? वहीं राहुल गांधी जो संस्थाओं के दुरुपयोग और उन्हें हथियार बनाने के भाषण देते हैं, आज चुप हैं। उन्होंने कहा, कर्नाटक को निगरानी की राजनीति नहीं, बल्कि सुशासन की जरूरत है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को अपनी राजनीतिक मजबूरी के लिए राज्य के खुफिया तंत्र के दुरुपयोग से बाज आना चाहिए।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उनके उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच सत्ता संघर्ष की अटकलों के बीच शिवकुमार के वफादार करीब 40 विधायक बंगलूरू के एक होटल में एकत्र हुए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, इस बैठक में अपने नेता को मुख्यमंत्री बनाने की रणनीति पर चर्चा की गई।