भाजपा नेता और उच्चतम न्यायालय के वकील अजय अग्रवाल के एक बयान ने देश की राजनीति में तूफान ला दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जहां इसे गुजरात विधानसभा चुनाव का मुद्दा बनाने की कोशिश की है, वहीं पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इसे सिरे से खारिज करते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर मर्यादा के विपरीत के आचरण करने का आरोप लगाया है।
इस विषय पर हमारे वरिष्ठ समाचार संपादक शशिधर पाठक ने अजय अग्रवाल से बातचीत की है -
प्रश्न: आप पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का बयान आने के बाद उनसे माफी मांगने और कांग्रेस पार्टी को उन्हें निकालने की मांग कर रहे हैं। आखिर इसके पीछे क्या है?
उत्तर: क्योंकि पूर्व प्रधानमंत्री की मंशा ठीक नहीं है। वह झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने आज के मेरे बयान के बाद अपना बयान जारी किया है। वह छिपाने के लिए ऐसा कर रहे हैं। इसके लिए उन्हें माफ नहीं किया जा सकता।
प्रश्न: फिर सच क्या है?
उत्तर: मणिशंकर अय्यर के घर (जी-43 जंगपुरा एक्सटेंशन, नई दिल्ली) पर चार-पांच घंटे पाकिस्तान के पूर्व राजनयिक, नेता के साथ मीटिंग चली है। इसमें पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व राष्ट्रपति हामिद अंसारी और अन्य मौजूद रहे हैं। मैं दावे के साथ कहता हूं कि इसमें गुजरात चुनाव को लेकर चर्चा हुई है। इस मीटिंग में बाकायदा रणनीति बनी है और इसके बाद अगले दिन सुबह मणिशंकर अय्यर ने मीडिया को बुलाकर प्रधानमंत्री मोदी नीच व्यक्ति जैसे शब्द का प्रयोग किया।
प्रश्न: आखिर क्यों। इसके पीछे आधार क्या है?
उत्तर: एक आदमी के घर पर पार्टी चल रही है। इतना बड़ा आयोजन, रात 11-12 बजे तक यह दौर चल रहा है। अगली ही सुबह मणिशंकर प्रधानमंत्री के लिए नीच व्यक्ति का प्रयोग कर रहे हैं। यह पूरी कोशिश गुजरात के चुनाव को प्रभावित करने के लिए थी। ताकि प्रधानमंत्री लोगों की निगाह में गिर जाएं, वोटों का ध्रुवीकरण हो जाए और कांग्रेस इसका लाभ उठा ले।
प्रश्न: क्या आपको लग रहा है कि इससे कांग्रेस को फायदा होता या हुआ?
उत्तर: नहीं हुआ न। उल्टा पड़ गया। कांग्रेस यही खतरा देखकर बचाव की मुद्रा में आ गई। उसे मणि शंकर को पार्टी ने निलंबित करना पड़ा।
प्रश्न: मणि शंकर अय्यर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पूर्व केन्द्रीय मंत्री होने के साथ-साथ पूर्व राजनयिक हैं। इसी तरह की स्थिति हामिद अंसारी की है। मनमोहन सिंह पूर्व प्रधानमंत्री हैं। पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री कसूरी भारत में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए हैं। ऐसे में यदि मणिशंकर अय्यर के साथ पुरानी पहचान के तहत शिष्टाचार की मुलाकात, आवभगत, रात्रिभोज हुआ, तो गलत क्या है? क्या आपको लगता है कि ऐसी मीटिंग में इतने संकीर्ण इरादे पर केन्द्रित होगी?
उत्तर: (अचकचाते हुए) ये सब ऐसे ही है। भाई साहब आप राजनीति नहीं जानते। यहां सब चलता है। यह मतदाताओं के ध्रुवीकरण का मामला है। इस तरह का प्रयास दोनों तरफ से चल रहा है। यही तो वजह है कि कांग्रेस बौखलाई हुई है।