sharad pawar and sonia gandhi (File Photo)
राफेल मुद्दे पर शरद पवार के बयान पर स्पष्टीकरण देते हुए कांग्रेस ने कहा कि राकांपा अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को क्लिनचिट नहीं दी है। साथ ही, सौदे की जेपीसी जांच कराने को लेकर राकांपा आज भी कांग्रेस के साथ है। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा दोनों दलों के बीच मतभेद पैदा करने के लिए षडयंत्र रच रही है।
कांग्रेस पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस महासचिव और महाराष्ट्र के प्रभारी मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस विषय पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार से चर्चा की। इस दौरान पवार ने खड़गे से तीन मुख्य बातें कही हैं।
सुरजेवाला ने बताया कि पवार ने अपने साक्षात्कार के बारे में बताते हुए कहा कि उन्होंने (पवार) मोदी सरकार से पूछा है कि राफेल की कीमत तीन गुना कैसे बढ़ गई? सरकार जवाब दे। राफेल घोटाले की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच कराई जाए।
सुरजेवाला ने कहा कि शरद पवार ने खड़गे से यह भी कहा कि भाजपा पहले बोफोर्स की कीमतें और उसकी विशेषताओं के बारे में सवार खड़ा करके जवाब पूछती थीं, लेकिन आज भाजपा राफेल की कीमत बताने से भी घबरा रही है? पवार ने कहा कि ऐसे सवाल का जवाब केवल जेपीसी से ही मिल सकता है। गौरतलब है कि एक मराठी समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू में शरद पवार ने कहा था कि उन्हें नहीं लगता कि लोगों को राफेल सौदे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा पर कोई शक है।
एनसीपी के युवा मोर्चे ने राफेल मुद्दे पर किया प्रदर्शन
कांग्रेस के मीडिया प्रभारी सुरजेवाला का कहना है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के युवा मोर्चे ने राफेल मुद्दे को लेकर शुक्रवार को प्रदर्शन भी किया है। इससे पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) महासचिव और बिहार के कटिहार से सांसद तारिक अनवर ने शुक्रवार को इस्तीफे का ऐलान कर दिया। उन्होंने लोकसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया। बताते हैं कि एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार द्वारा राफेल मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में बयान देने से नाराज होकर तारिक अनवर ने यह कदम उठाया है।