जुन में पीएम मोदी के प्रस्तावित इजरायल दौरे को लेकर भाजपा अभी से माहौल बनाने में जुट गई है। भाजपा के बौदिृधक संगठन श्यामा प्रसाद मुखर्जी शोध फाउंडेसन ने मंगलवार को इजरायली राजदूत डेनियल कारमोन को आमंत्रित कर भारत—इजरायल के स्थाई भागीदारी पर मंथन किया।
नेहरू मेमोरियल म्यूजियम लाईब्रेरी में हुए इस आयोजन में कारमोन के साथ भाजपा विदेश विभाग के प्रमुख विजय चौथाईवाला, नेहरू म्यूजियम के निदेशक शक्ति सिंहा और श्यामा प्रसाद मुखर्जी फाउंडेशन के प्रमुख अर्निबन गांगूली उपस्थित थे। सैकडों की संख्या में उपस्थित भगवा बुद्धिजीवियों को इजरायली राजदूत ने आश्वस्त किया कि इजराइल और भारत के बीच हो रही दोस्ती का विश्व में बहुत कडा संदेश जाएगा।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों का साझा इतिहास रहा है। भारत की दोस्ती इजरायल के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि बीते 25 वर्षों में हमारे संबंध उतने गहरे नहीं रहे। मगर मई 2014 के बाद से भारत—इजरायल के बीच रिश्ते सुधारने के प्रयास हुए हैं। पीएम मोदी की भावी इजारायल यात्रा को दोनों देशों के लिए अहम बताते हुए डेनियल ने कहा कि दोनों देशों के बीच अब बहुत ही विशेष संबंध हैं।
हमारी धार्मिक विभिन्नता जरूर है मगर दोनों देशों के बीच का बंधन प्राक्रतिक है। हम भारत को उंच—निच की द्रष्टि से नहीं देखेंगे बल्कि दोनों देशों के बीच बराबरी सरीखे एक—दूसरे के आंखो में आंख डालकर बात करने वाले रिश्ते होंगे। भारत—इजरायल के बीच के गठजोड को विकास के लिए महत्वपूर्ण करार देते हुए इजरायली राजदूत ने कहा कि जल और क्रषि के क्षेत्र में बडी सफलता मिलेगी। कई मामले में हमारी तकनीक विश्व के अन्य देशों से बेहद उन्नत है।
इजरायली राजदूत ने कहा कि पीएम के दौरे से दोनों देशों के रिश्ते और प्रागाढ होंगे। उन्होंने कहा कि व्यापार के अलावा दोनों देशों की दोस्ती से रक्ष क्षेत्र को भी बडा लाभ होगा। राजनीतिक वजहों से रक्षा मामलों को निचे रखा जा रहा है। इससे पहले भाजपा विदेश विभाग के प्रमुख विजय चौथाईवाला ने कहा कि कुछ लोगों को भारत—इजराइल की दोस्ती पसंद नहीं होगी। मगर हम बहुत खुले ढंग से दोस्ती कर रहे हैं।