बसपा सुप्रीमो मायावती ने खनन मामले में सीबीआई की कार्रवाई का विरोध करते हुए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का पक्ष लिया है। उन्होंने अखिलेश को फोन करके कहा कि उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि मुकाबला कर भाजपा की साजिश को बेनकाब करना चाहिए। मायावती ने सोमवार को यहां वक्तव्य जारी कर सीबीआई छापों को राजनैतिक द्वेष की भावना से चुनावी स्वार्थ की साजिश करार दिया।
खनन मामले में अखिलेश को मिला बसपा का साथ
मायावती ने आरोप लगाया कि भाजपा 2014 में सत्ता में आने के बाद से सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है। भाजपा नेता सीबीआई के प्रवक्ता की तरह बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस दिन सपा-बसपा के शीर्ष नेतृत्व की मुलाकात की खबर आई, वैसे ही गठबंधन को कमजोर करने के लिए केंद्र सरकार के इशारे पर सीबीआई ने खनन के लंबित पड़े मामले में छापेमारी शुरू कर दी। भाजपा नेताओं ने अखिलेश से भी पूछताछ करने से जुड़ी खबर को जानबूझकर फैलाया। असल में यह चुनावी षड़य़ंत्र है, जिसके तहत सपा-बसपा गठबंधन को बदनाम व प्रताड़ित किया जा रहा है।
मायावती ने कहा, सवाल यह है कि अगर कोई मामला है तो सीबीआई ने पहले कार्रवाई क्यों नहीं की। यह पहली बार नहीं है जब सीबीआई का दुरुपयोग किया जा रहा है। कांग्रेस और भाजपा को केंद्रीय एंजेसियों के दुरुपयोग में महारत हासिल है। जनता भाजपा को इस षड़यंत्र का जवाब लोकसभा चुनावों में हरा कर दे देगी। गठबंधन की बातों के बीच दोनों दलों के नेताओं ने पहली बार संयुक्त रूप से मीडिया को संबोधित किया।