कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आरएसएस पर प्रतिबंध की मांग उठाए जाने पर बीजेपी ने कड़ा जवाब दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सीआर केसवन ने कहा कि खरगे का यह बयान कांग्रेस की बढ़ती बेचैनी और राजनीतिक हताशा को दर्शाता है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से आरएसएस पर प्रतिबंध की वकालत करने के बयान पर बीजेपी ने तीखा हमला बोला है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सीआर केसवन ने कहा कि खरगे के बेतुके बयान कांग्रेस की घबराहट को उजागर करते हैं।
केसवन ने कहा कि खरगे जी के हताशापूर्ण बयान से दो बातें साफ दिखाई देती हैं। पहली, कांग्रेस पार्टी बिहार और देशभर में राहुल गांधी के छठ पूजा पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर फैल रहे जनाक्रोश से बुरी तरह घबराई हुई है। दूसरी, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सामने यह उजागर किया कि कांग्रेस ने सरदार पटेल की विरासत को मिटाने के लिए किस तरह के पाप किए, इससे कांग्रेस पार्टी घबराई हुई है और अब जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। यही खड़गे जी के बेतरतीब टिप्पणियों का असली कारण है।
सरदार पटेल को आरएसएस के प्रति गहरा सम्मान था
बीजेपी प्रवक्ता ने आगे कहा कि पूरा देश जानता है कि सरदार पटेल को आरएसएस के प्रति गहरा सम्मान था और वे उन्हें राष्ट्रवादी मानते थे। राहुल गांधी को चाहिए कि वे उस पत्र पर चुप्पी तोड़ें जो सरदार पटेल ने नेहरू को नेशनल हेराल्ड मामले में लिखा था, क्योंकि राहुल गांधी खुद उसी नेशनल हेराल्ड केस में जमानत पर हैं।
खड़गे के बेटे ने आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने की मुहिम शुरू की थी
इस बीच कर्नाटक विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष और बीजेपी एमएलसी चलवाड़ी नारायणस्वामी ने कहा कि खरगे का यह बयान केवल राजनीतिक नौटंकी है।नारायणस्वामी ने कहा कि जब उनके बेटे ने आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने की मुहिम शुरू की थी, तब न कांग्रेस पार्टी ने उसका साथ दिया और न ही जनता ने। समर्थन न मिलने पर खुद खरगे अपने बेटे के समर्थन में उतर आए। लेकिन सच्चाई यह है कि कोई भी आरएसएस को बैन नहीं कर सकता।