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Maharashtra: 'मनुस्मृति से देश चलता तो महिलाएं...', सनातन को लेकर एनसीपी-एसपी विधायक आव्हाड के बिगड़े बोल

Sun, 03 Aug 2025 12:47 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

एनसीपी एसपी विधायक जितेंद्र आव्हाड ने कहा कि अगर संविधान न होता, तो हमारा देश मनुस्मृति का पालन कर रहा होता और मेरी मां का एकमात्र काम बच्चों को जन्म देना और मर जाना होता। मैं जब से राजनीति में आया हूं, तब से इस व्यवस्था के खिलाफ बोलता रहा हूं। 
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एनसीपी एसपी के विधायक जितेंद्र आव्हाड और भाजपा नेता रामकदम। - फोटो : ANI
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विस्तार
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एनसीपी एसपी के विधायक जितेंद्र आव्हाड ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। सनातन को लेकर उन्होंने कहा कि अगर संविधान नहीं होता तो हमारा देश मनुस्मृति का पालन कर रहा होता और महिलओं का एकमात्र काम बच्चों को जन्म देना और मर जाना होता। इससे पहले उन्होंने कहा था कि सनातन धर्म ने भारत को बदनाम कर दिया है। इस पर भाजपा ने पलटवार किया था। 

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एनसीपी एसपी के विधायक जितेंद्र आव्हाड ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक उनकी जाति के आधार पर किसने रोका? संभाजी महाराज के साथ विश्वासघात किसने किया? शाहू महाराज की हत्या किसने की? ये सनातनी आतंकवादी थे। मनुस्मृति कहती है कि महिला का एकमात्र काम अपने पति की शारीरिक जरूरतों को पूरा करना होना चाहिए। हम सनातनियों के दिमाग में भरे जहर के खिलाफ हैं। 

जितेंद्र आव्हाड ने कहा कि गौतम बुद्ध ने पहला कदम किसके खिलाफ उठाया? उन्होंने उस समय की व्यवस्था के खिलाफ कदम उठाया। उन्होंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि समाज में पूर्वाग्रह अपने चरम पर था। बुद्ध के शिष्यों को किसने मारा? संत तुकाराम को किसने प्रताड़ित किया? छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक उनकी जाति के आधार पर किसने रोका? संभाजी महाराज के साथ विश्वासघात किसने किया? ये सभी सनातनी थे। शाहू महाराज की हत्या किसने की? यह सभी सनातनी आतंकवादी थे। 
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उन्होंने कहा कि मनुस्मृति कहती है कि स्त्री का एकमात्र काम अपने पति की शारीरिक जरूरतों को पूरा करना होना चाहिए। हम सनातनियों के मन में भरे जहर के खिलाफ हैं। अगर संविधान न होता, तो हमारा देश मनुस्मृति का पालन कर रहा होता और मेरी मां का एकमात्र काम बच्चों को जन्म देना और मर जाना होता। मैं जब से राजनीति में आया हूं, तब से इस व्यवस्था के खिलाफ बोलता रहा हूं। हम हिंदू हैं और मुझे अपने धर्म पर गर्व है जो यह उपदेश देता है कि दुनिया एक परिवार है, लेकिन मैं जाति व्यवस्था में विश्वास नहीं करता। 

इससे पहले एनसीपी-एसपी विधायक जितेंद्र आव्हाड ने कहा था कि सनातन धर्म ने भारत को बर्बाद कर दिया है। सनातन धर्म नाम का कोई धर्म कभी था ही नहीं। हम हिंदू धर्म के अनुयायी हैं। इसी तथाकथित सनातन धर्म ने हमारे छत्रपति शिवाजी महाराज को राज्याभिषेक से वंचित रखा। इसी सनातन धर्म ने हमारे छत्रपति संभाजी महाराज को बदनाम किया। इसी सनातन धर्म के अनुयायियों ने ज्योतिराव फुले की हत्या का प्रयास किया। उन्होंने सावित्रीबाई फुले पर गोबर और गंदगी फेंकी। इसी सनातन धर्म ने शाहू महाराज की हत्या का षडयंत्र रचा। 

उन्होंने कहा था कि सनातन धर्म ने डॉ. बीआर आंबेडकर को पानी पीने और स्कूल जाने तक की अनुमति नहीं दी। यह बाबासाहेब आंबेडकर ही थे जो अंततः सनातन धर्म के विरुद्ध उठे। मनुस्मृति को जलाया और इसकी दमनकारी परंपराओं को खारिज किया। मनुस्मृति के रचयिता स्वयं इसी सनातनी परंपरा से निकले थे। किसी को भी खुले तौर पर यह कहने में संकोच नहीं करना चाहिए कि सनातन धर्म और उसकी सनातनी विचारधारा विकृत है।

भाजपा ने किया पलटवार
महाराष्ट्र के एनसीपी-एसपी के विधायक जितेंद्र आव्हाड के सनातन धर्म को लेकर दिए गए बयान पर भाजपा ने पलटवार किया है। भाजपा नेता राम कदम ने कहा कि एनसीपी एसपी के नेता तुष्टिकरण की राजनीति कर रहे हैं। एनसीपी एसपी विधायक जितेंद्र आव्हाड ने कहा था कि सनातन धर्म ने भारत को बदनाम कर दिया है। 


इस पर भाजपा नेता राम कदम ने कहा कि शरद पवार के गुट के नेता का बयान शास्त्रों के अधूरे अध्ययन पर आधारित है। क्या आप सनातन धर्म को बदनाम कर रहे हैं? क्या अब आप अपनी राजनीति के लिए ऐसा करेंगे? यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जितेंद्र आव्हाड केवल तुष्टिकरण की राजनीति के लिए ऐसे बयान दे रहे हैं।

संबित पात्रा बोले-इस्लाम पर कहते तो शांतिपूर्ण जवाब न मिलता
भाजपा सांसद संबित पात्रा ने रविवार को एनसीपी-एससीपी नेता जितेंद्र आव्हाड की सनातन पर टिप्पणी को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने इस्लाम के बारे में ऐसा कहा होता, तो उन्हें शांतिपूर्ण जवाब नहीं मिलता। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पात्रा ने कहा, हम सहिष्णु हैं, इसलिए प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिये अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। अगर यह बयान इस्लाम और मुसलमानों के बारे में दिया गया होता, तो आपको प्रेस कॉन्फ्रेंस में जवाब नहीं मिलता। पात्रा ने एनसीपी-एससीपी प्रमुख शरद पवार और सांसद सुप्रिया सुले पर भी हमला बोला और पूछा कि क्या आव्हाड का बयान इस मुद्दे पर उनकी पार्टी के रुख को दर्शाता है। पात्रा ने कहा, उन्होंने भारत की मूल भावना के विरुद्ध बात की। दुनिया में कहीं और ऐसा नहीं होता कि बहुसंख्यक आबादी पर आरोप लगाए जाएं और फिर उन्हें असहिष्णु कहा जाए। 

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