एनसीपी एसपी के विधायक जितेंद्र आव्हाड ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। सनातन को लेकर उन्होंने कहा कि अगर संविधान नहीं होता तो हमारा देश मनुस्मृति का पालन कर रहा होता और महिलओं का एकमात्र काम बच्चों को जन्म देना और मर जाना होता। इससे पहले उन्होंने कहा था कि सनातन धर्म ने भारत को बदनाम कर दिया है। इस पर भाजपा ने पलटवार किया था।
#WATCH | Thane, Maharashtra: "... Who stopped the coronation of Chhatrapati Shivaji Maharaj on the basis of his caste? Who betrayed Sambhaji Maharaj? Who killed Shahu Maharaj? It was the Sanatani terrorists... Manusmriti says that a woman's only job must be to fulfil the physical… pic.twitter.com/hDmfk6M44h
#WATCH | Mumbai: On NCP-SCP leader Jitendra Awhad's statement, BJP leader Ram Kadam says, "The statement by the leader of Sharad Pawar's faction is based on an incomplete study of the scriptures... Are you defaming Sanatan Dharma?... Will you now do this for your politics?... It… pic.twitter.com/B1cayCyeSb
इस पर भाजपा नेता राम कदम ने कहा कि शरद पवार के गुट के नेता का बयान शास्त्रों के अधूरे अध्ययन पर आधारित है। क्या आप सनातन धर्म को बदनाम कर रहे हैं? क्या अब आप अपनी राजनीति के लिए ऐसा करेंगे? यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जितेंद्र आव्हाड केवल तुष्टिकरण की राजनीति के लिए ऐसे बयान दे रहे हैं।
संबित पात्रा बोले-इस्लाम पर कहते तो शांतिपूर्ण जवाब न मिलता
भाजपा सांसद संबित पात्रा ने रविवार को एनसीपी-एससीपी नेता जितेंद्र आव्हाड की सनातन पर टिप्पणी को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने इस्लाम के बारे में ऐसा कहा होता, तो उन्हें शांतिपूर्ण जवाब नहीं मिलता। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पात्रा ने कहा, हम सहिष्णु हैं, इसलिए प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिये अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। अगर यह बयान इस्लाम और मुसलमानों के बारे में दिया गया होता, तो आपको प्रेस कॉन्फ्रेंस में जवाब नहीं मिलता। पात्रा ने एनसीपी-एससीपी प्रमुख शरद पवार और सांसद सुप्रिया सुले पर भी हमला बोला और पूछा कि क्या आव्हाड का बयान इस मुद्दे पर उनकी पार्टी के रुख को दर्शाता है। पात्रा ने कहा, उन्होंने भारत की मूल भावना के विरुद्ध बात की। दुनिया में कहीं और ऐसा नहीं होता कि बहुसंख्यक आबादी पर आरोप लगाए जाएं और फिर उन्हें असहिष्णु कहा जाए।