पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के साथ ही प्रदेश की सियासत भी गरमा गई है। भाजपा ने जहां अपने मंत्रियों, सांसदों व पदाधिकारियों को जनवरी तक के लिए लोकसभा चुनाव का एजेंडा थमा दिया है, वहीं सपा, बसपा व राष्ट्रीय लोकदल के बीच गठबंधन को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
भाजपा के कई मंत्रियों व संगठन पदाधिकारियों को छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश व राजस्थान में विधानसभा चुनाव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सबसे ज्यादा लोग मध्य प्रदेश में लगाए गए हैं। जो मंत्री, सांसद, विधायक, पदाधिकारी और वरिष्ठ नेता पड़ोसी राज्यों में विधानसभा चुनाव में नहीं गए हैं, वे 2019 के एजेंडे पर काम करने में लगे हैं।