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परिकर के बाद गोवा में भाजपा के सामने कठिन संकट, चार सीटों पर कराना होगा उपचुनाव

Mon, 18 Mar 2019 06:15 AM IST
Avdhesh Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पीएम मोदी व अमित शाह (फाइल फोटो) - फोटो : self
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मुख्यमंत्री मनोहर परिकर के रविवार को निधन के साथ ही भाजपा नेतृत्व के सामने गोवा में कठिन संकट खड़ा हो गया है। गोवा में भाजपा के 'संकट मोचक' कहलाने वाले परिकर की जगह लेने वाले नेता का चयन कर भाजपा को उसके नाम पर गठबंधन के सहयोगी दलों से मुहर लगवाने की भी चुनौती का सामना करना होगा।

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परिकर के नेतृत्व वाली सरकार में भाजपा के साथ गोवा फारवर्ड पार्टी (जीएफपी), महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) और निर्दलीय विधायक मौजूद थे, जिन्हें वह बखूबी संभाल रहे थे। लेकिन विधानसभा के एक वरिष्ठ अधिकारी की मानी जाए तो भाजपा नेतृत्व वाले गठबंधन को नए नेता का चयन करने के बाद नए सिरे से सरकार बनाने का दावा पेश करना होगा। इसके लिए सहयोगी दलों के समर्थन वाले पत्र भी राज्यपाल के सामने पेश करने होंगे। इस अधिकारी के मुताबिक, यदि राज्यपाल मृदुला सिन्हा उनके समर्थन के दावे से संतुष्ट नहीं होती हैं, तो उन्हें सबसे ज्यादा विधायकों वाले दल यानी कांग्रेस को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करना होगा। 

कांग्रेस के पास इस समय 14 विधायक हैं, जबकि भाजपा के पास अब 12 विधायक ही रह गए हैं। भाजपा के पास 40 सीटों वाली विधानसभा में जीएफपी व एमजीपी के 3-3 और 3 निर्दलीय विधायकों का समर्थन है, जबकि एक विधायक एनसीपी का है। इस साल की शुरुआत में भाजपा विधायक फ्रांसिस डिसूजा और अब परिकर के निधन तथा कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए दो विधायकों सुभाष शिरोडकर व दयानंद सोप्टे के इस्तीफों के बाद सदन में संख्याबल 36 रह गया है। कांग्रेस की तरफ से शनिवार को परिकर की हालत नाजुक होने की सूचना आते ही सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया गया था। ऐसे में भाजपा के लिए सहयोगी दलों को अपने साथ बनाए रखकर बहुमत साबित करना बेहद कठिन चुनौती साबित होने जा रहा है। 

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बुलाई गई आपात बैठक

परिकर के निधन की सूचना मिलने के तत्काल बाद भाजपा ने सरकार में सहयोगी दलों की तत्काल आपात बैठक बुलाई थी। हालांकि इस बैठक में हुई वार्ता की जानकारी समाचार लिखने तक बाहर नहीं मिल सकी थी, लेकिन सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक के बाद विजय सरदेसाई के नेतृत्व वाली जीएफपी के तीनों विधायक, एमजीपी के तीनों विधायकों ने अलग से बैठक करने का भी निर्णय लिया है।

परिकर की सीट पर होगा उपचुनाव

पणजी विधानसभा सीट से विधायक बनकर मुख्यमंत्री पद संभाल रहे परिकर के निधन के बाद अब राज्य में चार सीटों पर उपचुनाव कराना होगा। शिरोदा, मांद्रेम और मापुसा विधानसभा सीट पर 23 अप्रैल को लोकसभा चुनाव के साथ ही उपचुनाव का कार्यक्रम पहले से ही तय है। परिकर ने 2017 में मुख्यमंत्री के पद पर शपथ लेने के बाद पणजी विधानसभा सीट पर उपचुनाव जीतकर अपनी सदस्यता साबित की थी। भाजपा विधायक सिद्धार्थ कुनकोलिएंकर ने 10 मई, 2017 को इस्तीफा देकर परिकर के लिए यह सीट खाली की थी।
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