जिस उड़ी आतंकी हमले ने भाजपा और मोदी सरकार को बैकफुट पर ला दिया था, बदली परिस्थिति में अब उसी मुद्दे ने उसे सियासी ताकत दे दी है। सर्जिकल स्ट्राइक से पाकिस्तान को दिए मुंहतोड़ जवाब की चौतरफा वाहवाही से गदगद पार्टी ने इसी मुद्दे पर आगामी विधानसभा चुनावों में विपक्ष को चित करने की रणनीति बनाई है। अगले साल यूपी, उत्तराखंड और पंजाब सहित कई राज्यों में विधानसभा का चुनाव होना है।
भाजपा हालांकि आधिकारिक रूप से सर्जिकल अटैक को चुनाव में भुनाने पर कुछ कहने से बच रही है, मगर उसका मानना है कि पाक को करारा जवाब देने के बाद नरेंद्र मोदी की छवि न सिर्फ पहले से मजबूत हुई है, बल्कि राष्ट्रवाद के मुद्दे को भी मजबूती मिली है। अगले साल कई राज्यों के विधानसभा चुनाव में भाजपा विकास के साथ-साथ पाकिस्तान को दिए गए मुंहतोड़ जवाब को बड़ा चुनावी मुद्दा बनाएगी।
पार्टी के रणनीतिकारों को लगता है कि सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पार्टी के पक्ष में लोकसभा चुनाव की तरह ही माहौल बना है। पीएम मोदी के पक्ष में बने माहौल के बीच पार्टी ने महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा में चुनावी जीत हासिल की थी। ठीक यही सिलसिला अब यूपी, उत्तराखंड और पंजाब में भी चलेगा। पार्टी ने अभी से इसकी पटकथा तैयार करना शुरू कर दिया है।
आतंकवाद 27 साल से देश की सबसे बड़ी समस्या थी। सर्जिकल स्ट्राइक के जरिये पीएम मोदी ने दुनिया को यह संदेश दे दिया है कि भारत अब सॉफ्ट देश नहीं है। अभी हमारी चिंता चुनाव की नहीं है, मगर देश देख रहा है कि पीएम मोदी ने अपने वादे के मुताबिक नासूर बन चुके आतंकवाद का इलाज करना शुरू कर दिया है। कूटनीतिक मोर्चे पर मिली जीत के बाद पीएम के विदेश यात्रा पर सवाल उठाने वालों के मुंह पर भी तमाचा पड़ा है। - श्रीकांत शर्मा, राष्ट्रीय सचिव, भाजपा