उन्होंने कहा "आप (कांग्रेस-जदएस) कहते हैं कि पांच विधायक आपके संपर्क में हैं तो उन्हें बुलाइये। मैं भी देखूं।" अगर आपके विधायक मुंबई और दिल्ली चले गए तो इसमें हम क्या करें? यह आपका (कांग्रेस-जदएस) दायित्व है कि आप अपने विधायकों को अक्षुण्ण रखें। साथ ही उन्होंने कहा-कोई भी हमारे संपर्क में नहीं है...मैं आपको बता रहा हूं। विधानसभा में विपक्ष के नेता ने कांग्रेस-जदएस नेताओं द्वारा उनकी पार्टी के गुरुग्राम में अभियान को लेकर सवाल उठाने पर पलटवार किया।
उन्होंने कहा, वो कौन होते हैं यह पूछने वाले कि हम कहां जा रहे हैं? आप हम पर दोष क्यों मढ़ रहे हैं, आप अपने विधायकों को एकजुट रखने का प्रयास करिये? कल उन्होंने (कांग्रेस) अपने विधायक दल की बैठक बुलाई है। इसमें कितने लोग आएंगे पता चल जाएगा। कल उनकी सच्चाई सामने आ जाएगी। येदियुरप्पा ने कहा कि यह समझे बिना कि आपके विधायक असंतुष्ट और खफा हैं, अनावश्यक रूप से भाजपा पर दोषारोपण न करें। उन्होंने कहा कि एसएम कृष्णा के मुख्यमंत्रीतत्व काल में महाराष्ट्र के विधायकों को मैसुरू के एक रिसार्ट में रखा गया और हाल ही में गुजरात के विधायकों को बेंगलुरू के एक रिसार्ट में रखा गया। येदियुरप्पा ने सवाल उठाया कि तब कांग्रेस का लोकतंत्र कहां चला गया था?
कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर निशाना साधते हुए येदियुरप्पा ने कहा कि चामुंडेश्वरी विधानसभा के लोगों द्वारा सबक सिखाये जाने के बाद भी उन्होंने कुछ नहीं सीखा। मई में हुए विधानसभा चुनाव में सिद्धरमैया चामुंडेश्वरी सीट से हार गए थे, हालांकि बादामी सीट पर उन्होंने जीत दर्ज की थी। भाजपा पर बरसते हुए और गठबंधन के विधायकों को लुभाने को "शर्मनाक" करार देते हुए सिद्धरमैया ने बुधवार को कहा था कि येदियुरप्पा बूढ़े हो गए हैं, लेकिन उन्हें अक्ल नहीं आयी। येदियुरप्पा ने पूर्व प्रधानमंत्री देवेगौड़ा पर निशाना साधते हुए उन्हें " एक राजनीतिक अवसरवादी" करार दिया। मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी पर बरसते हुए येदियुरप्पा ने कहा कि 156 तालुका सूखे की चपेट में हैं, लेकिन मु्ख्यमंत्री और उनके मंत्री प्रभावी रूप से काम नहीं कर रहे हैं।