नवीन पटनायक, नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
बंगाल की तरह ओडिशा में भी भाजपा ने अपनी धमक दिखा दी है। अमित शाह और पीएम मोदी की ताबड़तोड़ रैलियों और रोड शो की बदौलत पार्टी ने 9 सीटें पाने में कामयाबी हासिल की है। पिछले लोकसभा चुनाव में पार्टी को 1 ही सीटें मिली थी। इस बार उसे 8 सीटों का फायदा हुआ।
भाजपा की आक्रामक प्रचार शैली और पार्टी दिग्गजों को मैदान में उतारकर कहीं न कहीं पार्टी ने यह संदेश देने की कोशिश की कि ओडिशा उसके लिए कितना अहम है। उस पर राष्ट्रवाद के तड़के ने पार्टी की जीत की राह प्रशस्त कर दी। वहीं, मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की छवि ने तमाम राजनीतिक पंडितों और एग्जिट पोल को गलत साबित कर दिया है। इसमें अहम योगदान सेल्फ हेल्प ग्रुप और महिला आंगनवाडि़यों के लिए किया गया उनका काम रहा।
यह जरूर है बीजद को पिछली बार के मुकाबले कम सीटें हाथ लगीं लेकिन 70 फीसदी सीटों पर उसका कब्जा बरकरार रहा। भले ही भाजपा को राज्य में उम्मीद के मुताबिक सीटें नहीं मिली लेकिन यह जरूर है कि उसने राज्य में मजबूत आधार जरूर बना लिया है। वहीं, पिछली बार की तरह ही सौ साल पुरानी कांग्रेस पार्टी का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। कांग्रेस के सूने पोलिंग बूथ व मतगणना में नदारद एजेंट पार्टी की दिनोंदिन खराब हालत को बयां कर रहे थे। इस बार भी कांग्रेस का खाता तक नहीं खुल सका।
ओडिशा कुल सीटेंः 21
भाजपा कांग्रेस बीजद सीपीआई
2019 09 00 12 00
2014 01 00 20 00
2009 00 06 14 01
विधानसभा चुनाव में नवीन बाबू की रिकॉर्ड पांचवीं जीत
विधानसभा चुनाव में ओडिशा की जनता ने साफ छवि वाले अपने मुख्यमंत्री नवीन पटनायक पर ही फिर भरोसा जताया है। बीजेडी ने 175 सीटों वाली विधानसभा में 110 सीटें जीतकर रिकॉर्ड पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। वहीं, भाजपा को 24, कांग्रेस को 10 एवं अन्य को 2 सीटें मिली हैं। फैनी तूफान के बाद जिस तरह से नवीन पटनायक ने आम लोगों को राहत पहुंचाने का काम किया उससे प्रदेश के लोगों का भरोसा उन पर और बढ़ गया। नवीन की कैश ट्रांसफर योजना को भी प्रदेश के लोगों ने खूब पसंद किया। पीएम मोदी ने नवीन को जीत पर बधाई दी है।