भाजपा के चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को निषेधाज्ञा का उल्लंघन कर रामनवमी पर हिंसा की चपेट में आए पश्चिम बंगाल के आसनसोल इलाके का दौरा किया। इस दौरान भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने आरोप लगाया कि रामनवमी जुलूस को लेकर भड़की हिंसा पर काबू पाने में तृणमूल कांग्रेस सरकार विफल रही है।
बता दें कि रामनवमी पर जुलूसों के दौरान दो समुदायों के बीच भड़की हिंसा में दो लोगों की मौत और कम से कम एक दर्जन लोग घायल हो गए थे। घटना के बाद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने इलाके के जमीनी हालात का जायजा लेने के लिए पार्टी के उपाध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य ओम प्रकाश माथुर की अगुवाई में एक चार सदस्यीय टीम का गठन किया था। टीम में शाहनवाज हुसैन, रूपा गांगुली और सांसद विष्णु दयाल राम भी शामिल हैं। प्रतिनिधिमंडल दिल्ली लौट कर शाह को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा।
प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को आसनसोल के रामकृष्णपुर समेत इलाके के कई राहत शिविरों का दौरा कर लोगों से बातचीत की। शाहनवाज हुसैन ने पत्रकारों को बताया कि शिविरों में रहने वाले लोगों से बातचीत के बाद यह साफ हो गया है कि रामनवमी के जुलूसों के मुद्दे पर जो कुछ हुआ वह गलत था। यह राज्य सरकार की नाकामी है। वह हालात पर काबू पाने में नाकाम रही। उन्होंने लोगों से इलाके में सद्भाव बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि हम यहां शांति सुनिश्चित करने आए हैं।
गौर करने वाली बात है कि ममता बनर्जी सरकार ने शनिवार को कहा था कि आसनसोल और रानीगंज में हिंसा के बाद धारा-144 लागू होने के कारण भाजपा नेताओं को वहां नहीं जाने दिया जाएगा। सरकार की दलील थी कि पंचायत चुनावों की तारीखों के एलान के साथ चुनावी आचार संहिता लागू होने के कारण नेताओं को समुचित सुरक्षा मुहैया कराना संभव नहीं होगा।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, दिल्ली से यहां पहुंचने के बाद प्रतिनिधिमंडल एयरपोर्ट से सीधे आसनसोल रवाना हो गया। आसनसोल में धारा-144 लागू होने की वजह से रास्ते में बसरा मोड़ एवं कालीपहाड़ी में पुलिस ने प्रतिनिधिमंडल को रोक कर भाजपा नेताओं से लौटने का आग्रह किया। हालांकि पुलिस वालों से संक्षिप्त बातचीत के बाद भाजपा नेता अपनी योजना के मुताबिक आसनसोल रवाना हो गए।