भाजपा के नबन्ना अभियान के दौरान कोलकाता और हावड़ा में हुई हिंसक झड़पों में बड़ी संख्या में घायल हुए कार्यकर्ताओं को देखने के लिए भाजपा का शिष्टमंडल शनिवार को पश्चिम बंगाल पहुंचा। राज्यसभा सांसद बृजलाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर की पांच सदस्यीय टीम ने अस्पताल पहुंचकर पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की।
राज्यसभा सांसद बृजलाल ने कहा कि, पर्याप्त योग्यता होने के बावजूद भी युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है। युवा अपनी आवाज को उठाने के लिए नबन्ना जा रहे थे। शांतिपूर्ण विरोध जता रहे युवाओं पर पुलिस ने क्रूर व्यवहार किया है। उन्होंने कहा कि, ऐसा लगता है कि राज्य में जंगल राज का बोलबाला है और पुलिस पक्षपातपूर्ण तरीके से काम कर रही है। राज्य में निरंकुशता का राज है। राठौर ने यह भी कहा कि टीम जल्द ही पुलिस कार्रवाई पर अपनी रिपोर्ट पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को सौंपेगी।
राज्य सचिवालय तक 13 सितंबर के विरोध मार्च के दौरान एक पुलिस वाहन पर भाजपा समर्थकों के हमले पर तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की टिप्पणी पर लाल ने कहा कि यह टिप्पणी सत्तारूढ़ दल की फासीवादी प्रवृत्ति को दर्शाती है।
वीजा नियम को लेकर अधीर रंजन चौधरी ने पीएम को लिखा पत्र
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर विदेशों में रह रहे भारतीयों के परिवार को वीजा की उपलब्धता को आसान बनाने की मांग की है। उन्होंने पत्र में मांग की है कि वैसे भारतीय अभिभावक जो बंटवारे से पहले भारत में पैदा हुए और बंटवारे के बाद पाकिस्तान और बांग्लादेश में रहते हैं और बुजुर्ग हैं, जिन्हें भारत आना जरूरी है उन्हें वीजा आसानी से मिलना चाहिए। अधीर रंजन चौधरी ने 15 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर उन लोगों के वीजा मुद्दे पर ध्यान देने की बात कही है। पत्र में, उन्होंने लिखा कि जो माता-पिता बांग्लादेश में या पूर्वी पाकिस्तान में पैदा हुए थे उन्हें भारत आने में वीजा के लिए आसानी से आवेदन और वीजा की प्रक्रिया भी आसान होनी चाहिए। यह पत्र अधीर रंजन चौधरी ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर को भी भेजा है।