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Karnataka: असम के आतंकी अख्तर हुसैन लश्कर के थे अल-कायदा से संबंध, कश्मीर जाने की बना रहा था योजना

Sat, 17 Sep 2022 10:34 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

गृह मंत्रालय से जारी एक आदेश के बाद एनआईए की बेंगलुरु शाखा ने 30 अगस्त को अख्तर हुसैन लश्कर और एक अन्य आतंकी दक्षिण 24 परगना, पश्चिम बंगाल के मूल निवासी अब्दुल अलीम मंडल उर्फ एमडी जुबा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। दोनों पर भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम की धारा 10, 13, 15, 16, 18 और 20 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
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एनआईए। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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युवाओं को कट्टरपंथ की तरफ ले जाने और प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन अल-कायदा के साथ संबंध रखने के आरोप में कर्नाटक से जुलाई में गिरफ्तार किए गए आतंकी अख्तर हुसैन लश्कर के खिलाफ एनआईए जांच कर रही है। एनआइए द्वारा दर्ज की गई एफआईआर में एक बड़ा खुलासा हुआ है। एफआईआर में कहा गया है कि अख्तर हुसैन लश्कर जो कि असम का रहने वाला है, वह युवाओं को आतंकवादी प्रशिक्षण के लिए कश्मीर और अफगानिस्तान के खुरासान प्रांत में भेजने की साजिश रच रहा था। इसके साथ ही उसने युवाओं को धर्म के नाम पर युद्ध छेड़ने के लिए भी उकसाया था।

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एनआईए की एफआईआर में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि अख्तर हुसैन लश्कर बेंगलुरु से कश्मीर जाने की योजना बना रहा था। साथ ही उसका संबंध प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन अल-कायदा से था।

गौरतलब है कि अख्तर हुसैन लश्कर असम के कछार जिले के थेल्टिकर गांव का निवासी है। उसे बेंगलुरु के तिलक नगर में एक बहुमंजिला अपार्टमेंट की तीसरी मंजिल से गिरफ्तार किया गया था। उसपर, सोशल मीडिया पर यह दिखाकर कि भारतीय सेना कश्मीर में मुसलमानों पर अत्याचार कर रही है, युवाओं को कट्टरपंथी बनाने, युवाओं को भारत के खिलाफ देशविरोधी गतिविधियों में शामिल करने और सांप्रदायिक हिंसा भड़काने जैसी गतिविधियों में लिप्त पाया गया था। इसके साथ ही, उसने कट्टरपंथी युवाओं को कश्मीर और अफगानिस्तान के खुरासान प्रांत में भारत के खिलाफ आतंकवादी प्रशिक्षण लेने और युद्ध छेड़ने के लिए भेजने की साजिश रची थी। इतना ही नहीं, भारत भर में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए इसके अल-कायदा और कई अन्य आतंकी संस्थाओं के साथ संबंध थे। 
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इस मामले में गृह मंत्रालय से जारी एक आदेश के बाद एनआईए की बेंगलुरु शाखा ने 30 अगस्त को अख्तर हुसैन लश्कर और एक अन्य आतंकी दक्षिण 24 परगना, पश्चिम बंगाल के मूल निवासी अब्दुल अलीम मंडल उर्फ एमडी जुबा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।  दोनों पर भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम की धारा 10, 13, 15, 16, 18 और 20 के तहत मामला दर्ज किया गया था। एनआईए ने दोनों के खिलाफ एफआईआर 24 जुलाई को बेंगलुरु पुलिस द्वारा पहले से दर्ज किए गए एक मामले की जांच के सिलसिले में दाखिल की थी। दरअसल, बेंगलुरु पुलिस को 24 जुलाई को एक सूचना मिली थी कि अख्तर हुसैन लश्कर ने 'द ईगल ऑफ कोहरासन' और 'हिंडर-ईगल' नामक टेलीग्राम समूह बनाए हैं। इसके जरिए वह युवाओं को कट्टरपंथी बनाने की कोशिश कर रहा था। इसी मामले में बेंगलुरू में उसकी गिरफ्तारी की गई थी। 

बांग्लादेशी उपदेशक समेत 17 लोग असम से वीजा उल्लंघन में गिरफ्तार
असम के बिस्वनाथ से वीजा उल्लंघन में एक धार्मिक उपदेशक सैयद अशरफुल आलम समेत 17 बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार कए गए हैं। पुलिस के मुताबिक असम आने से पहले ये लोग अजमेर शरीफ समेत भारत के अलग अलग हिस्सों में धार्मिक जगहों पर भी गए थे। बिस्वनाथ एसपी नवीन सिंह ने कहा, इन लोगों के समूह को जिले के बाघमारी इलाके से पकड़ा गया। ये लोग कूचबिहार से बस द्वारा 13 सितंबर को यहां आए थे। आलम इस समूह का नेतृत्व कर रहा था और अन्य सभी उसके अनुयायी थे। आलम बाघमारी के दूरस्थ इलाकों में लोगों को अपने उपदेश देता था और इसने वहां 500 लोगों को अपना चेला भी बनाया था। सिंह ने कहा कि पर्यटक वीजा पर आने वालों को जगह जगह जाकर उपदेश देने की अनुमति नहीं होती। हमें सूचना मिली थी जिसकी जांच के बाद हमने इन लोगों को गिरफ्तार किया।

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