भाजपा ने राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए कहा है कि सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजे जाने का राफेल मामले से कोई संबंध नहीं है। इस बात में कोई सच्चाई नहीं है कि सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा को महज इसलिए छुट्टी पर भेज दिया गया क्योंकि वे राफेल मामले की जांच शुरू करने वाले थे। पार्टी ने कहा कि राहुल गांधी इस मामले पर लगातार गलतबयानी कर रहे हैं।
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने गुरुवार को एक प्रेस कांग्रेस में कहा कि कांग्रेस को सपने में भी राफेल दिखाई पड़ रहा है। वे हर मामले को राफेल से जोड़ना चाहते हैं। जावड़ेकर ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस को आज इस बात का पछतावा हो रहा है कि उन्होंने 2012 में इस डील को अधूरा छोड़ दिया था जिसके कारण गांधी परिवार के करीबी संजय भंडारी को राफेल सौदे में भारी कमीशन नहीं मिल पाया।
राहुल गांधी इसके कारण बौखलाहट में इस तरह का बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी मतिभ्रम के शिकार हैं। वे झूठ बोलते हुए कुछ भी कह रहे हैं। वे पीएम मोदी को सीधे गाली तक देने लगे हैं। भारत में इतनी बचकानी स्तर की राजनीति कभी नहीं हुई। उनके इस प्रलाप का जनता पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। देश की जनता राहुल गांधी से बहुत अधिक समझदार है।
जावड़ेकर ने कहा कि लोगों का मानना है कि सरकार को इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए था। लेकिन एक संवैधानिक संस्था के कार्यकलाप के बीच सरकार हस्तक्षेप नहीं करना चाहती थी। लेकिन जब मामला ज्यादा गम्भीर होने लगा, तब सरकार को इसमें हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने कहा कि कांग्रेसी सरकार में उनके नेता अश्विनी कुमार ने सीबीआई के अधिकारियों को फाइलों के साथ अपने कार्यालय में बुलवा लिया था। इसकी वजह से उन्हें इस्तीफा तक देना पड़ गया था। इसी तरह चिदंबरम के मामले में भी सीबीआई जांच में अवरोध पैदा किया गया था। ऐसे में कांग्रेस को सफाई मांगने का कोई अधिकार नहीं है।