अमेरिका के अखबार वाशिंगटन पोस्ट के लिए पत्रकार जमाल खशोगी लेख लिखा करते थे। उनकी पिछले दिनों तुर्की के इस्तांबुल स्थित सऊदी अरब दूतावास में हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने सऊदी की सत्ता पर काबिज राजघराने के एक काले पक्ष को दुनिया के सामने ला दिया है। खशोगी की हत्या इसलिए भी चर्चा का विषय बनी है क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जैरेड कुशनर और प्रिंस के बीच घनिष्ठ संबंध हैं। यह ममाला अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिए एक बड़ा आघात है।
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या पत्रकार खशोगी की हत्या की वजह से अमेरिका और सऊदी अरब के रिश्तों में खटास आ सकती है?'
पोल के जवाब में हमें कुल 2,644 वोट मिले। इनमें 65.05 फीसदी (1,720 वोट) पाठकों ने माना कि पत्रकार खशोगी की हत्या की वजह से अमेरिका और सऊदी अरब के रिश्तों में खटास आ सकती है, जबकि 34.95 फीसदी (924 वोट) पाठकों ने कहा कि पत्रकार खशोगी की हत्या की वजह से अमेरिका और सऊदी अरब के रिश्तों में खटास नहीं आएगी।