कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के बयान पर भाजपा ने पलटवार किया है। भाजपा नेता डॉ सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि हमारी सरकार विपक्ष के सभी प्रकार के सुझावों का स्वागत करती है लेकिन यह रचनात्मक और पर्याप्त होना चाहिए। राहुल गांधी को ऐसे तथ्य नहीं पता होंगे जो उनकी सामान्य प्रवृत्ति है, बिना तथ्यों को जाने और समझे वे मीडिया के सामने आते हैं।
राहुल गांधी ने लोगों के बीच से कोरोना वायरस से जुड़ा डर का माहौल खत्म करने की जरूरत पर जोर देते हुए शुक्रवार को कहा कि इस संकट के खिलाफ सिर्फ प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से लड़ाई नहीं लड़ी जा सकती और ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मुख्यमंत्रियों पर विश्वास करना और राज्यों को साझेदार बनाना होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के कदमों में पारदर्शिता होनी चाहिए और सरकार छोटे कारोबारों की तत्काल मदद करे और गरीबों और मजदूरों के खातों में 7500 रुपये डाले।
गांधी ने वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए संवाददाताओं से कहा, 'हमें छोटे कारोबारों, मजदूरों की मदद करनी होगी। लोगों की नौकरियां जा रही हैं। अगर हम अभी मदद नहीं करते हैं तो (बेरोजगारी की) सुनामी आ जाएगी।'
उन्होंने कहा कि अगर हमें लॉकडाउन से बाहर निकलना है तो हमें डर खत्म करना होगा। यह बताना होगा कि कोरोना वायरस 99 प्रतिशत लोगों के लिए खतरनाक नहीं हैं। जिन एक फीसदी लोगों के लिए यह खतरनाक है उनकी हमें सुरक्षा करनी होगी।
गांधी ने कहा, 'आज हमें यह भूलना होगा कि मैं मीडिया से हूं, कांग्रेस से हूं, आरएसएस से हूं या भाजपा से हूं। हम सबसे पहले हिंदुस्तानी है। हमें हिंदुस्तान के अंदर से डर निकालना होगा।'
कांग्रेस नेता के मुताबिक सरकार को अब अपने कार्यों में थोड़ी पारदर्शिता बरतने की जरूरत है। लॉकडाउन खोलने के लिए मापदंडों को समझने की जरूरत है। यह महत्वपूर्ण है कि सरकार भारत के लोगों से उन मापदंडों के बारे में बताएं, जिनका उपयोग वो करेंगे।