भाजपा और कांग्रेस में नोटबंदी को लेकर ठन गई है। कांग्रेस जहां इसे संगठित संवैधानिक लूट बताकर देश भुगत रहा है कि थीम पर पूरे देश में प्रदर्शन करने की तैयारी कर रही है, वहीं केन्द्र सरकार ने अपने मंत्रियों को देश के हिस्सों में जाकर सरकार का पक्ष रखने का निर्देश दे दिया है।
इसी क्रम में केन्द्र सरकार के कई मंत्री गुजरात जा रहे हैं। केन्द्रीय दूर संचार मंत्री मनोज सिन्हा ने बनारस और गाजीपुर का रुख किया है तो नई दिल्ली में केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार से ही मोर्चा संभाल लिया है।
दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महासचिव गुलाम नबी आजाद, पीसी चाको और अजय माकन नोटबंदी के विरोध में विजय चौक पर मानव श्रृंखला बनाकर उसका नेतृत्व किया। वहीं राहुल गांधी गुजरात के सूरत में हैं। वहां कांग्रेस उपाध्यक्ष नोट बंदी के विरोध में कैंडल मार्च व्यापारियों, कांग्रेस नेताओं, लोगों के साथ कैंडल मार्च का प्रतिनिधित्व करेंगे।
इसी क्रम में मंगलवार को गुजरात में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नोटबंदी को अर्थव्यवस्था के विरोध में बताया। इसके साथ-साथ पार्टी ने देश के सभी प्रदेश अद्यक्षों, जिला अध्यक्षों और नेताओं से नोटबंदी का विरोध करने का आह्वान किया है। इसी तरह से सभी विपक्षी दलों ने भी अपने प्रभाव वाले क्षेत्र में नोटबंदी का विरोध करने का मन बनाया है।
जद (यू) से राज्यसभा सांसद शरद यादव ने कहा कि वह देश भर के लोगों को संगठित करने में लगे हैं। वह पार्टी के नेताओं और अन्य विचारधारा वाले दलों से वार्ता कर रहे हैं और आठ नवंबर को नोटबंदी का पूरे देश में जोरदार विरोध किया जाएगा।
शरद यादव ने कहा कि कांग्रेस भी नोटबंदी का पूरे देश में विरोध कर रही है। हम पिछले साल हुई इस नोटबंदी के खिलाफ हैं। नोटबंदी ने पूरे देश की आर्थिक रफ्तार को सुस्त ही नहीं किया बल्कि लोगों को भारी तकलीफ पहुंचाई है।