क्या कह रहे हैं उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य?
विधानसभा का चेहरा बनाए जाने के सवाल पर उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का कहना है कि इसका निर्णय तो केंद्रीय नेतृत्व लेगा। वह राज्य सरकार के उपमुख्यमंत्री हैं और इसके बारे में कैसे बोल सकते हैं। एक टीवी चैनल से बातचीत के दौरान भी केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि किसी भी राज्य में लीडरशिप के बारे में फैसला भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व करता है। राज्य के किसी नेता को इस बारे में बोलने का अधिकार नहीं है। जब अमित शाह भाजपा अध्यक्ष थे, तो उन्होंने गुजरात विधानसभा चुनाव के पहले एक बात साफ तौर पर कही थी। अमित शाह ने कहा कि पार्टी चुनाव में चेहरा घोषित नहीं करेगी। इसका निर्णय चुनाव के बाद जीतकर आने वाले विधायक करेंगे। उत्तर प्रदेश के कई नेताओं को अभी भी इसकी उम्मीद है। उन्हें लग रहा है कि विधानसभा चुनाव 2022 तक भले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रहेंगे, लेकिन चुनाव के बाद पार्टी और राज्य को नया मुख्यमंत्री चेहरा मिल सकता है। यह उम्मीद केशव प्रसाद मौर्य की टीम को भी है। उनके प्रशंसक तो यहां तक कहते हैं कि सही मायनों में केशव को 2017 में ही मुख्यमंत्री की कुर्सी मिल जानी चाहिए थी।
पीएम मोदी के चेहरे और नड्डा, शाह, योगी, मौर्य, सिंह, बंसल मिलकर करेंगे मुकाबला
भाजपा और संघ के कार्यकर्ताओं से बात करने पर उत्तर प्रदेश को लेकर एक विश्वास दिखाई देता है। करीब चार विधायकों से भी चर्चा का सार यही है कि 2022 का विधानसभा चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र के चेहरे पर लड़ा जाएगा। भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के प्रभारी राधामोहन सिंह, उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, संगठन मंत्री सुनील बंसल सब मिलकर चुनौतियों का मुकाबला करेंगे और राज्य में भाजपा की सरकार बनेगी। प्रयागराज के भाजपा के नेता और 16 जिलों में जनसंपर्क का प्रभार देखने वाले सूत्र के अनुसार आज पार्टी के पास नेता, कार्यकर्ता और चेहरे की कमी नहीं है। इनके भीतर बस एक उत्साह भरने की जरूरत है और इसे प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री शाह से अच्छा कोई नहीं कर सकता।