यूपी पुलिस के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के बाद विवादों में आए हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी को भाजपा ने निशाने पर लिया है और उनकी तुलना पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना से की है। वहीं, ओवैसी ने इन आरोपों से साफ इनकार किया है।
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने एक चुनावी रैली के दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस को चेतावनी दी थी। ओवैसी की इस टिप्पणी पर अब विवाद शुरू हो गया है और इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भगवा दल ने ओवैसी की तुलना मोहम्मद अली जिन्ना से कर डाली है। वहीं, औवैसी कह चुके हैं कि मेरे बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है।
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ओवैसी ने सिलसिलेवार ट्वीट्स में एक वीडियो क्लिप साझा की जो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। उन्होंने कहा कि मैंने जो बयान दिया था वह राज्य पुलिस की ओर से मुसलमानों के खिलाफ अत्याचारों कतो लेकर था, जिसे एडिट करते हुए क्लिप से बाहर कर दिया गया। ओवैसी ने कहा कि यह वीडियो क्लिप हरिद्वार की धर्म संसद में हेट स्पीच के मामले से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए प्रसारित की जा रही है।
ओवैसी के शरीर में है जिन्ना की आत्मा: भाजपा
वहीं, ओवैसी की इस टिप्पणी पर भाजपा के प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने उनकी तुलना पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना से कर डाली। त्रिवेदी ने कहा कि एआईएमआईएम के नेताओं को ऐसी अभद्र टिप्पणियां करने की आदत है। उन्होंने कहा, 'ओवैसी के शरीर में जिन्ना की आत्मा है।' त्रिवेदी ने आगे कहा कि ओवैसी का बयान वैसा ही है जैसा मोहम्मद अली जिन्ना ने देश के विभाजन से एक साल पहले दिया था।
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क्लिप को ओवैसी ने बताया भाजपा का प्रोपेगंडा
इस क्लिप में असदुद्दीन ओवैसी को यह कहते सुना जा सकता है, 'योगी आदित्यनाथ हमेशा मुख्यमंत्री और नरेंद्र मोदी हमेशा प्रधानमंत्री नहीं रहेंगे। हम अन्याय को नहीं भूलेंगे। हम इसे याद रखेंगे। अल्लाह अपनी ताकत से आपको नष्ट कर देगा। स्थितियां बदलेंगी। तब आपको बचाने के लिए कौन आएगा? जब योगी आदित्यनाथ अपने मठ में और नरेंद्र मोदी पहाड़ों की ओर चले जाएंगे, तब आपको बचाने के लिए कौन आएगा?'
मेरे बयान में कुछ आपत्तिजनक नहीं है: ओवैसी
ओवैसी ने कहा कि मेरे 45 मिनट के भाषण में से 1.45 मिनट की यह एडिट की गई क्लिप अयोध्या में हुई धर्म संसद में दिए गए नफरत भरे भाषणों के मामले से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए वायरल की जा रही है। उन्होंने कहा, 'मैंने हिंसा भड़काने की कोशिश नहीं की, न ही कोई धमकी दी। मैंने पुलिस के अत्याचारों को लेकर बात की थी। मैंने कहा था कि हम पुलिस के अत्याचारों को याद रखेंगे... क्या यह आपत्तिजनक है?'