भारतीय जनता पार्टी की मणिपुर इकाई के अध्यक्ष भाबनंद सिंह राज्य विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत को लेकर बड़े दावे कर रहे हैं। बीबीसी से हुई बातचीत में उन्होंने दावा किया कि विधानसभा चुनाव में पार्टी को कम से कम 40 सीटें मिलेंगी और भाजपा की ही सरकार बनेगी। कांग्रेस और दूसरे दलों को कुछेक सीटें ही मिल पाएंगी।
भाबनंद कहते हैं, "राज्य कांग्रेस मुक्त हो जाएगा।" सिंह जोर देकर कहते हैं कि मुख्यमंत्री पद का कोई घोषित उम्मीदवार नहीं है और चुनाव के बाद ही यह तय किया जाएगा। भाबनंद सिंह का कहना है कि मणिपुर में आर्म्ड फोर्सेज स्पेशल पावर्स एक्ट (अफ्स्पा) की जरूरत नहीं है, लिहाजा इसे वहां से हटाया जा सकता है।
विकास का मुद्दा
उन्होंने कहा, "किस जगह अफ्स्पा लगाना है ये वहां के हालात पर निर्भर करता है। मणिपुर में अभी स्थिति सुधरी हुई है, लिहाजा यहां इस समय अफ्स्पा की जरूरत नहीं है। लेकिन इसे हटाने का फैसला केंद्र सरकार का ही होगा।
यह कोई मुद्दा नहीं है।" उनके मुताबिक, इस बार विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा भ्रष्टाचार का है। इसके अलावा भाजपा ने विकास का मुद्दा भी उठाया है।भाबनंद ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री इबोबी सिंह ने कई फर्जी मुठभेड़ कराई हैं, उनके ख़िलाफ यह मुद्दा भी उठाया गया है।
नगा समझौता
भाबनंद सिंह जोर देकर कहते हैं कि नगा समझौते के तहत मणिपुर का कोई हिस्सा किसी सूरत में नगालैंड को नहीं दिया जाएगा। उनका तर्क है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं राज्य के लोगों को वहां जाकर इसका भरोसा दिला चुके हैं और अविश्वास करने की कोई वजह नहीं है।
भाबनंद सिंह मणिपुर में आर्थिक नाकेबंदी के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराते हैं।
सिंह कहते हैं कि यह नाकेबंदी कांग्रेस और यूनाइटेड नगा काउंसिल की मिलीभगत की वजह से है। यह एक तरह का 'फिक्स्ड मैच' है।