दक्षिण मिजोरम के लॉन्गतलाई जिले में हुए संघर्ष में आगामी चकमा स्वायत्त जिला परिषद (सीएडीसी) चुनाव लड़ रहे भाजपा के एक उम्मीदवार की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि मृतक अमित कुमार चकमा लोखीसूरी गांव में परिषद चुनाव के लिए प्रचार कर रहे थे, तभी कुछ बदमाशों ने उन पर चाकू से हमला कर दिया।
उन्होंने कहा कि सीएडीसी चुनाव में रेंगखाश्या (Rengkhashya) सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे चकमा की मौके पर ही मौत हो गई। अधिकारी ने बताया कि घटना के संबंध में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारी ने कहा कि जिला निर्वाचन अधिकारी ने राज्य चुनाव आयोग के सुझाव के आधार पर रेंगखाश्या सीट पर चुनाव रद्द कर दिया है। इस बीच, राज्य के एकमात्र भाजपा विधायक बीडी चकमा ने घटना की जांच की मांग की है।
बीडी चकमा ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर कहा, रेंगखाश्या निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के आधिकारिक एमडीसी उम्मीदवार अमित कुमार चकमा का कल रात कुछ बदमाशों द्वारा क्रूर हमले के बाद निधन हो गया, जब वह लोखीसूरी गांव में चुनाव प्रचार कर रहे थे। यह जानकर मुझे गहरा सदमा पहुंचा है। मैं जल्द जांच करने और दोषियों की गिरफ्तारी की पुरजोर मांग करता हूं।
भाजपा ने रेंगखाश्या सीट से अमित कुमार चकमा को उतारा था। वह पूर्व चकमा परिषद के मुख्य कार्यकारी सदस्य (सीईएम) थे और उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर दो बार सफलतापूर्वक परिषद चुनाव लड़ा था। मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) में शामिल होने के बाद चकमा हाल ही में भाजपा में शामिल हुए थे। चकमा परिषद के लिए नौ मई को होने वाले चुनाव में कुल 73 उम्मीदवार मैदान में हैं। मतगणना 11 मई को होगी। एमएनएफ, भाजपा और कांग्रेस ने 20-20 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, जबकि जेडपीएम ने 13 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है।
सीएडीसी मिजोरम में चकमा आदिवासी लोगों के कल्याण के लिए 1972 में संविधान की छठी अनुसूची के तहत बनाया गया था। परिषद में 24 सीटें हैं, जिनमें से चार मनोनीत सीटें हैं। परिषद पिछले साल दिसंबर से राज्यपाल शासन के अधीन है।