चुनाव चाहे जो जीते, एग्जिट पोल चाहे कुछ भी कहें लेकिन भाजपाइयों को भरोसा है कि हिमाचल में सरकार भाजपा की ही बनेगी। प्रयागराज से हिमाचल विधानसभा चुनाव प्रचार में कई सप्ताह सक्रिय रहे सूत्र का कहना है कि अब आप इसे आठ दिसंबर के बाद देख लीजिएगा। भाजपा की यह उम्मीद ऐसे ही नहीं है। इसके पीछे उसका बड़ा होमवर्क है। भाजपा के नेताओं को उम्मीद है कि हिमाचल में सरकार बनाने के लिए जरूरी विधायकों की संख्या में बड़ा अंतर रहने वाला नहीं है। वह इस कमी को निर्दलीयों के सहयोग से आसानी से पूरी कर लेंगे। उनकी दूसरी आस हिमाचल राजघराने, प्रदेश कांग्रेस का अपने आपको कमांडर मानने वाले सुखविंदर सुक्खू समेत कांग्रेस के भीतर बन रहे तीसरे गुट से है। इसमें कोई दो राय नहीं कि कद के मामले में प्रतिभा सिंह का कोई सानी नहीं है, लेकिन मुख्यमंत्री बनने की ख्वाहिशें कई नेता रखते हैं। ऐसे में भाजपा को अपनी दाल गलने की उम्मीद दिखाई दे तो क्या बुरा?
राहुल गांधी हर जगह नई थ्योरी क्यों बांच रहे हैं?
कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा पर हैं। उनकी इस यात्रा को आम जनता का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। हर जाति, वर्ग, धर्म और दूसरे दलों के तमाम नेताओं का समर्थन मिल रहा है। लेकिन कई लोगों को राहुल गांधी की राजनीतिक थ्योरी समझ में नहीं आ रही है। राहुल गांधी अपनी इस भारत जोड़ो यात्रा को गैर राजनीतिक बताने में जुटे हैं। हालांकि, तमाम मंचों से वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा की सरकार को कोसने से नहीं चूकते। कई एजेंडे वही उठा रहे हैं जिनसे कांग्रेस पार्टी सरकार पर हमलावर है। बावजूद इसके राहुल गांधी के मुताबिक उनकी यह यात्रा गैर राजनीतिक है। राहुल गांधी इसी तरह से जवाब तमाम नेताओं को दे दे रहे हैं। इतना ही नहीं राजस्थान में प्रवेश करने से पहले उन्होंने अपने दूत केसी वेणुगोपाल को अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच समीकरण बिठाने के लिए भेज दिया था। कर्नाटक में डीके शिवकुमार और सिद्धारमैय्या के बीच में ताल बनाने की कोशिश की थी। राहुल की इस गैर राजनीतिक यात्रा की थ्योरी को तमाम कांग्रेस के नेता भी नहीं समझ पा रहे हैं। लोग तो यहां तक कह रहे हैं कि राहुल खुद को महात्मा गांधी समझने लगे हैं।
एमसीडी से भाजपा की विदाई के अंदेशे से संगठन मंत्री बौखलाए
भाजपा ने अपने चार दर्जन से अधिक प्रत्याशियों को एमसीडी का चुनाव जिताने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया है। हालांकि अंदरखाने के सूत्र बताते हैं कि इनमें से एकाध जीत जाएं तो बड़ी बात है। पूर्वी दिल्ली से खुद भाजपा के नेताओं को बड़ी सफलता हाथ लगने की उम्मीद कम है। कहा तो यहां तक जा रहा है कि खुद संगठन मंत्री बीएल संतोष भी खुश नहीं हैं। दिल्ली नगर निगम में भाजपा सालों से राज कर रही थी, लेकिन इस बार जिस तरह से टिकट का बंटवारा हुआ, उसने पार्टी के बड़े-बड़े नेताओं की परेशानी बढ़ा दी। दूसरे, आखिरी समय में मुख्यमंत्री केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने दिल्ली में डेरा डाल दिया। कभी दिल्ली भाजपा के प्रभारी रहे सूत्र का कहना है कि दरअसल, इस बार कांग्रेस जरा भी नहीं लड़ी। हो सकता है कि इसका फायदा भाजपा को मिल जाए।
कश्मीर में भारत जोड़ो यात्रा का भाजपा कैसे करेगी 'मुकाबला'?
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह के सामने नई चुनौती आने वाली है। राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा राजस्थान में प्रवेश कर गई है। धीरे-धीरे जम्मू की तरफ बढ़ रही है। वहां से कोई 200 किमी की दूरी तय करके इसे श्रीनगर के लाल चौक तक जाना है। राहुल गांधी के साथ पिछले तीन महीने से 1200 से अधिक लोग लगातार यात्रा में चल रहे हैं। यह लोग भी यात्रा के अंतिम पड़ाव तक साथ जाना चाहेंगे। राहुल गांधी प्रतिदिन कोई 24 किमी पैदल चल रहे हैं। ऐसे में जम्मू-श्रीनगर की यात्रा में पहाड़ी रास्ते के कारण कम से कम 16 से 20 दिन लग सकते हैं। इतने दिनों तक यात्रा को सुरक्षित मार्ग मुहैय्या कराना एक बड़ी चुनौती के समान है। सूत्र बताते हैं कि इसको लेकर शीर्ष स्तर पर मंथन भी शुरू हो गया है। पहला तो यह कि राहुल गांधी को जम्मू से श्रीनगर क्या पैदल जाने दिया जाए। दूसरा यह कि क्यों न जम्मू से हवाई या सड़क मार्ग चुना जाए। यहां यह भी दिलचस्प होगा कि इन विकल्पों पर राहुल का रुख क्या रहेगा? हालांकि कहा यह भी जा रहा है कि यदि राहुल पैदल ही जम्मू से श्रीनगर पहुंचे तो जम्मू-कश्मीर में ऐतिहासिक शांति अपने आप प्रमाणित हो जाएगी। खैर अभी इस स्थिति के आने में भी थोड़ा समय है।
एमसीडी चुनाव के बाद दिल्ली शराब घोटाले का क्या होगा?
दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार भ्रष्टाचार मुक्त सरकार देने का ढिंढोरा पीटती है। भाजपा ने आम आदमी पार्टी की सरकार पर 'भ्रष्टाचार में अव्वल' सरकार की तोहमत लगा रखी है। पहले भाजपा के ही नेता दावा कर रहे थे कि जल्द ही शराब घोटाले में उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया गिरफ्तार होने वाले हैं। बाद में शोर आया की मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी गुजरात विधानसभा चुनाव के बाद होगी। अब न केवल गुजरात विधानसभा चुनाव का मतदान बीत चुका है, बल्कि दिल्ली एमसीडी का भी चुनाव हो चुका है। जांच एजेंसी द्वारा दायर चार्जशीट में अभी तक मनीष सिसोदिया का नाम नहीं है। अब एक नया शिगूफा चल रहा है। इसमें कहा जा रहा है कि जल्द ही सप्लीमेंट्री चार्जशीट दर्ज होगी। इसमें दिल्ली के उपमुख्यमंत्री का न केवल नाम होगा, बल्कि वह गिरफ्तार भी होंगे। दिल्ली के एक सांसद तो यहां तक कहते हैं कि ऐसा न हुआ तो उनकी पार्टी को पूरे देश में इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है।