मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर अपनी मनमानी करने का आरोप लगाते हुए बीजेपी के सदस्यों ने दिल्ली जल बोर्ड की मीटिंग का आज बहिष्कार कर दिया। बीजेपी सदस्यों का आरोप है कि केजरीवाल मीटिंग में उनके द्वारा उठाये गए सवालों का कोई जवाब नहीं देते और अपने सदस्यों और अधिकारियों की मदद से मनचाहे प्रस्ताव पास करवा लेते हैं।
दिल्ली जल बोर्ड की बैठक में बीजेपी के चारों सदस्यों ने पिछली मीटिंग में उठाये गए सवालों को उठाते हुए, उन पर क्या कार्रवाई हुई, इस सवाल का जवाब मांगा। उनके मुताबिक उन्हें किसी बात का जवाब नहीं दिया गया, जिसके बाद उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।
जल बोर्ड के एक सदस्य जय प्रकाश ने अमर उजाला को बताया कि दिल्ली के कई क्षेत्रों में सीवर की गम्भीर समस्या हो गई है। लोग बदबूदार जगहों पर रहने के लिए मजबूर हो गए हैं, लेकिन केजरीवाल समस्याओं पर ध्यान देने की बजाय अपना राजनीतिक स्वार्थ देखते हुए निर्णय ले रहे हैं। सदस्यों का आरोप है कि जल बोर्ड का सदस्य होने के बावजूद उनकी कोई बात नहीं सुनी जा रही है।
उठाये थे ये सवाल
भाजपा नेता ने कहा कि दिल्ली की असली समस्या यह है कि उसके पास अपना जल नहीं है, उसे हरियाणा से पानी की जरूरत के लिए निर्भर रहना पड़ता है। इसी से जुड़ा सवाल उन्होंने पिछली मीटिंग में उठाया था और केजरीवाल से पूछा था कि वर्षा जल के संग्रहण पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है। बीजेपी नेता ने यमुना को प्रदूषण से बचाने के लिए सीवर के पानी के संशोधन के बारे में भी सवाल उठाए थे।
बीजेपी सदस्यों के मुताबिक पानी और सीवर की गम्भीर समस्याओं को खत्म करने पर ध्यान देने की बजाय केजरीवाल मुफ्त की घोषणाओं के जरिये लोगों को असली मुद्दे से भटकाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली के कई मुख्य इलाकों के नालों की सफाई का काम अभी तक पूरा नहीं हुआ है, लेकिन केजरीवाल को इसकी फिक्र नहीं है। वे केवल वोटबैंक की राजनीति कर रहे हैं।
मंगलवार को देंगे धरना
जय प्रकाश ने बताया कि जल बोर्ड के अधिकारी भी केजरीवाल की मनमानी में साथ दे रहे हैं। यही कारण है कि वे मंगलवार को दिल्ली जल बोर्ड के मुख्यालय पर धरना देंगे और उन्हें बेनकाब करेंगे।