Aparajita Sarangi: भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी को गंभीर आरोपों में गिरफ्तार प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों को पद से हटाने का प्रावधान करने वाले तीन विधेयकों की जांच के लिए बनी संयुक्त संसदीय समिति की अध्यक्ष बनाया गया। समिति में 31 सदस्य हैं, जिनमें विपक्ष के चार, भाजपा के 15, एनडीए के 11 और एक नामित सदस्य शामिल हैं। कई प्रमुख विपक्षी दलों ने इस समिति का बहिष्कार किया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद अपराजिता सारंगी उस विधेयक की जांच के लिए बनी संयुक्त संसदीय समिति की अध्यक्ष होंगी, जिसमें गंभीर आरोपों में गिरफ्तार प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों को पद से हटाने का प्रस्ताव है। लोकसभा सचिवालय ने बुधवार को यह जानकारी दी।
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प्रमुख विपक्षी दलों ने समिति का बहिष्कार करने की घोषणा की है। 31 सदस्यीय इस समिति में विपक्ष के चार सदस्य, भाजपा के 15 सदस्य, एनडीए के 11 सदस्य और एक मनोनीत सदस्य शामिल हैं। विपक्षी दलों से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की नेता सुप्रिया सुले, अकाली दल की हरसिमरत कौर बादल, एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी और वाईएसआरसीपी के निरंजन रेड्डी को संयुक्त समिति का सदस्य बनाया गया है।
यह समिति तीन विधेयकों की जांच करेगी- संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025; जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025; और संघ शासित प्रदेशों के शासन (संशोधन) विधेयक, 2025। कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने इस समिति का हिस्सा न बनने का फैसला किया है। बीजद और बीआरएस भी इस समिति का हिस्सा नहीं हैं।