कोलकाता में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन पर लिए गए फैसले ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सोशल मीडिया पर उनकी जमकर आलोचना हो रही है। जनता उनके फैसले से नाराज है, इसलिए सोशल मीडिया के जरिये अपने गुस्से को जाहिर कर रही है।
वहीं विरोधी पार्टी भाजपा ने भी ममता के इस फैसले की आलोचना की और इसे तुष्टिकरण की नीति बताया।भाजपा के राष्ट्रीय सचिव राहुल सिन्हा ने कहा कि हिंदुओं के त्योहारों पर पाबंदी लगा कर ममता अल्पसंख्यक तबके को खुश करने की कोशिश कर रही हैं।
पढ़ें: ममता बनर्जी ने लगाई दुर्गा पूजा के बाद मूर्ति विसर्जन पर रोक
आपको बता दें कि ममता बनर्जी ने बीते साल की तरह इस साल भी विजयादशमी के अगले दिन दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन पर पाबंदी लगा दी है। ये पाबंदी मुहर्रम के जुलूस को ध्यान में रखते हुए लगायी गई है।
पढ़ें: ममता बनर्जी ने की मोदी की तारीफ, कहा- मैं प्रधानमंत्री का फेवर करती हूं
विजयादशमी का त्योहार 30 सितंबर को है जबकि एक अक्टूबर को मुहर्रम है। इसलिए ममता बनर्जी ने आदेश दिया है कि विजयादशमी को शाम 6 बजे के बाद प्रतिमाओं का विसर्जन नहीं किया जा सकेगा। उनके इस फैसले के बाद ट्विटर पर लोगों ने जमकर अपनी भड़ास निकाली।
ट्विटर पर ममता के फैसले की हुई जमकर आलोचना
ममता बनर्जी
ट्विटर यूजर स्वरा ने ट्वीट किया, जब आप किसी एक धर्म को अपना त्योहार मनाने से रोकते हैं क्योंकि दूसरे धर्म का भी त्योहार है, तो यह सांप्रदायिक है। इसके बावजूद आप खुद को धर्मनिरपेक्ष कहते हैं।
When you stop one Religion to allow other's festival is the most Communal thing & they call themselves Secular #MamataFestivalPolitics
— Swara (@OverNationalism) August 24, 2017
एक ट्विटर यूजर ने ममता की तुलना ISIS के प्रमुख से कर दी। उसने कहा कि बंगाल हिंदुओं के लिए सीरिया बन चुका है और ममता वहां के मुस्लिमों के लिए ISIS की मुखिया बन गई हैं। वो बंगाल के हिंदुओं के लिए सीएम नहीं हैं।
#MamataFestivalPolitics
Bengal has becm Syria for Hindus & Mamata is ISIS head of B'deshi muslims.
She is no more CM for Bengal Hindus. pic.twitter.com/UeY1QkSvnG
— Pradeep Kumar INDIAN (@PradeepkumarI12) August 24, 2017
ममता के फैसले से दुखी सोशल मीडिया यूजर सीमा चौधरी ने बंगाल को बंगालिस्तान और हिंदुओं को दूसरे दर्जे का नागरिक कह डाला।
Hindus are 2nd class citizens in lady Jinnah's rule !
Welcome to Bengalistan !#MamataFestivalPolitics https://t.co/RmfedlMwzz
— Seema Choudhary (@Seems3r) August 24, 2017
सोशल मीडिया पर सक्रिय एक यूजर ने कहा कि ममता बनर्जी हिंदुओं को दबाना चाहती हैं, और अपना वोट बैंक सुरक्षित रखने के लिए मुस्लिम तुष्टीकरण की नीति अपना रही हैं। और यह सेकुलर ममता बनर्जी का स्टाइल है।
Mamata wants to suppress Hindus for Muslim appeasement to secure vote bank and this is secularism Mamata style. #MamataFestivalPolitics
— AM (@AmIndia1947) August 24, 2017
अमित कुमार नाम के शख्स ने ममता पर तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की। उन्होंने कहा कि आप पुरानी किट बैग के साथ गेम खेल रही हैं, आपको अपग्रेड होना चाहिए, क्योंकि अब केंद्र में कांग्रेस की सरकार नहीं है।
#MamataFestivalPolitics Mamataji, you are playing game with old kit bag.. Please upgrade.. It's not #Congress in Center.. https://t.co/TKvOuytYmm
— Amit K (@ResilientAk) August 24, 2017
अपने फैसले पर कड़ी आलोचना के बीच ममता बनर्जी ने ट्वीट के जरिए कहा कि 2 से 4 अक्तूबर तक प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा सकता है। वहीं बीजेपी सरकार ने इस फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाने की चेतावनी दी है।
... Immersions can take place on October 2, 3 and 4... 2/2
— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) August 23, 2017