लांस नायक एम प्रभु (फाइल फोटो)
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लांस नायक एम प्रभु की हत्या के मामले में न्याय की मांग को लेकर मंगलवार को भाजपा की तमिलनाडु इकाई ने एक दिवसीय भूख हड़ताल कर कैडल मार्च निकाला। सरकार के खिलाफ भाजपा के इस विरोध प्रदर्शन में भारतीय सशस्त्र जवान के पूर्व सैनिकों ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा हैं।
प्रभु के परिवार को पार्टी की ओर से 10 लाख रुपये की राहत देने की घोषणा करने वाले भाजपा के राज्य प्रमुख के अन्नामलाई ने कहा कि पार्टी सैनिक के दो बच्चों की शिक्षा का खर्च वहन करेगी। अन्नामलाई ने कहा कि पूर्व सैनिकों ने राज्य सरकार से प्रभु के परिवार को मुआवजे के तौर पर पांच करोड़ रुपये, मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी और सीएम से सार्वजनिक माफी की मांग की है। अन्नामलाई ने संवाददाताओं से बात करते हुए डीएमके के पदाधिकारी चिन्नास्वामी और उनके सहयोगियों द्वारा 29 वर्षीय प्रभु की हत्या पर मुख्यमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाए। साथ ही दावा किया भाजपा के द्धारा सरकार पर दवाब बनाने के बाद पुलिस ने एक सप्ताह बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया।
जानें क्या है पूरा मामला?
पुलिस के मुताबिक, डीएमके पदाधिकारी चिन्नास्वामी और अन्य ने आठ फरवरी को लांस नायक एम प्रभु (29) पर घात लगाकर हमला किया और बेरहमी से पीटा। गंभीर रूप से घायल अवस्था में प्रभु को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उपचार के दौरान 15 फरवरी को उन्होंने दम तोड़ दिया। प्रभु और उनके भाई प्रभाकरन का पोचमपल्ली के वेलमपट्टी में चिन्नास्वामी के साथ पानी की टंकी पर कपड़े धोने को लेकर विवाद हुआ। चिन्नास्वामी पर प्रभु और उनके भाई पर हमले का आरोप है। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया है। प्रभाकरन का अस्पताल में इलाज चल रहा है। प्रभु, जो सैन्य पुलिस के साथ श्रीनगर में तैनात थे, छुट्टी पर अपने पैतृक वेल्लमपट्टी गांव आए हुए थे और 10 फरवरी को उन्हें ड्यूटी ज्वाइन करनी थी।